पांचवें दिन भी घायल अस्पताल में लड़ रहा जिंदगी और मौत की जंग
दहशत से घर छोड़कर दूसरे गांव में रह रहा है परिवार
रसूखदार हैं आरोपी, पुलिस कार्रवाई से कतरा रही
मेड़ विवाद को लेकर चार दिन पूर्व गांव रायपुर निवासी जनार्दन गुप्ता को पीट-पीटकर अधमरा करने के मामले में हमलावरों के रसूखदार और सत्ता पक्ष के नेताओं का संरक्षण होने के कारण पुलिस ने सिर्फ तीन लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज की। दहशत के चलते घायल का पूरा परिवार गांव से पलायन कर गया है। आरोप है कि शुक्रवार की रात आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उसका घर फूंक दिया। पीड़ित ने घटना की तहरीर ओयल चौकी पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
गांव रायपुर निवासी जयनरायन गुप्ता ने बताया कि उनका और ग्राम प्रधान रमेश यादव के बीच जमीन को लेकर विवाद था। उनके भाई जनार्दन गुप्ता 21 जून को पैमाइश कराने के बाद मेड़ बंदी कराकर घर जा रहे थे। आरोप है कि गांव में ही नहर पटरी के पास ग्राम प्रधान रमेश यादव, महेंद्र यादव, मादा यादव, सुनील यादव, सुधीर यादव, वीरेंद्र यादव ने भाई को घेर लिया और लाठी-डंडों से पीट कर अधमरा कर दिया। जान से मारने की नीयत से फायर भी किया, लेकिन भाई बाल-बाल बच गया। कई ग्रामीणों के मौके पर आने से हमलावर भाई को मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग निकले। हमलावर भाई का मोबाइल और सात सौ रुपये भी लूट ले गए थे। हमलावरों को सत्तापक्ष का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने और रसूखदार होने के कारण पुलिस ने महज मनमाफिक तहरीर लिखवाकर तीन लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज की थी। इससे हमलावरों के हौसले बुलंद हैं। इधर, घायल भाई पांचवें दिन भी जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। डर की वजह से पूरा परिवार गांव छोड़कर उसकी गांव कल्याणपुर स्थित ससुराल में रह रहे हैं। आरोप है कि हमलावरों ने शुक्रवार की रात उसके घर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घर फूंके जाने की जानकारी उन्हें गांव के लोगों ने दी है। सूचना के बाद भी परिवार के लोग मौके पर जाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। पीड़ित ने एसपी को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
शांति भंग में चालान कर पुलिस ने झाड़ा पल्ला
गांव रायपुर निवासी जनार्दन गुप्ता की पिटाई और घर में आग लगाने की हुई घटना को लेकर ओयल चौकी पुलिस शुरुआती दौर से ही लापरवाह रही है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाकर मनमाफिक तहरीर लिखवाकर सिर्फ तीन आरोपियों के खिलाफ एनसीआर दर्ज की और शांति भंग करने के आरोप में चालान कर अपना पल्ला झाड़ लिया।
पीड़ित को ही उल्टे हड़का रही पुलिस
गांव रायपुर निवासी पीड़ित जयनरायन गुप्ता ने बताया कि हमलावर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। तीन दिन पहले वह चौराहा पर स्थित अपनी मिठाई की दुकान खोलने गए थे तो हमलावरों ने घेर लिया और दुकान नहीं खोलने दी। गांव में घुसने पर जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं। सत्ता पक्ष के नेताओं का संरक्षण होने के कारण पुलिस भी हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए उसे और उसके परिवार को ही धमका रही है। मारपीट से लेकर आग लगाने के आरोपों को झूठा बता रही है।
मारपीट मामले की एनसीआर दर्ज कर तीन लोगों का 151 में चालान किया गया था। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एनसीआर तरमीम की जाएगी। आग लगाने की तहरीर मिली है, लेकिन आग किसने लगाई? यह अभी साफ नहीं है? इसकी जांच की जा रही है।
-अरविंद राय, चौकी इंचार्ज ओयल