सीतापुर रोड स्थित गांव पिपरिया के तालाब में पलटे ट्रक के चालक का पता लगाने में पुलिस टाल मटोल करती रही, जबकि उसका शव तालाब में ही था। परेशान हाल परिवार वालों ने पुलिस पर न सिर्फ लापरवाही बरतने के आरोप लगाए, बल्कि बुधवार की रात अपने गांव से पंपिंग सेट लेकर आए। ताकि तालाब से पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके। गुरुवार की अपराह्न करीब डेढ़ बजे शव मलबे में फंसा हुआ मिला। परिवार वालों ने उसकी पहचान 23 वर्षीय इकरामुद्दीन निवासी गांव फत्तेपुर थाना कमलापुर जिला सीतापुर के रूप में की है।
सोमवार की देररात मौरंग लदा ट्रक पिपरिया गांव स्थित तालाब में पलट गया था, जिसे मंगलवार को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। इस ट्रक के साथ ही क्लीनर 26 वर्षीय गुफरान निवासी सरैंया मुलही थाना खैराबाद जिला सीतापुर का शव बरामद हो गया था, जबकि चालक इकरामुद्दीन का पता नहीं चला था। पुलिस ने शुरुआत में इस मामले को हल्के में लेते हुए चालक के कूदकर बच निकलने की आशंका जर्ताई, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। वहीं चालक के परिवार वाले मंगलवार को ही घटनास्थल पहुंच गए थे, जिसके बाद वे लोग पुलिस से चालक के ट्रक के साथ ही तालाब में डूबने की बात कहते हुए उसकी तलाश कराने की मांग पर अड़ गए। वहीं बुधवार को भी पुलिस ने गोताखोरों की मदद से लापता चालक की तलाश कराने का दावा किया, जिसमें सफलता न मिलने पर दोपहर बाद तालाब को खाली कराने का निर्णय किया। हालांकि परिवार वालों को कहना है कि शहर कोतवाल शुरू से ही यह मानने को तैयार नहीं थे कि चालक तालाब में डूबा है। वह उसके ट्रक पलटते समय भाग जाने की बात के तर्क दे रहे थे। फिलहाल परिवार वाले पुलिस की कार्रवाई से काफी खिन्न दिखे। तालाब का पानी निकालने के लिए पुलिस द्वारा पंपिंग सेट लगवाने की औपचारिकता भर की गई। इससे आहत परिवार वाले अपने गांव से पंपिंग सेट लेकर मौके पर पहुंचे। गुुरुवार को सुबह से ही तालाब को खाली कराने के लिए सड़क किनारे दूसरे तालाब में पानी पहुंचाया गया। करीब डेढ़ बजे लोगों को चालक का शव खोजने में कामयाबी मिली। एलआरपी चौकी इंचार्ज मनोज सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान इकरामुद्दीन निवासी फत्तेपुर जिला सीतापुर के तौर पर हुई, जो संभवता हादसे के वक्त ट्रक चला रहा था। उसका शव मलबे में फसा हुआ था। पंचनामा भरने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस ने बदलवा दी थी तहरीर
शहर कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव मंगलवार से ही कह रहे थे कि तालाब में जो लाश मिली है, सिर्फ वहीं है। चालक पहले ही कूदकर भाग गया होगा। उन्होंने ट्रक मालिक की तहरीर भी कई बार बदलवाकर अंत में महज टायर फटने से ट्रक तालाब में पलट जाने और सूचना पर आने पर क्लीनर की लाश ट्रक में फंसी मिलने की सूचना की तहरीर ले ली थी।
पुलिस गंभीर होती तो पहले दिन ही मिल जाता चालक का शव
चालक के ट्रक से कूदकर फरार होने का दावा करने वाली पुलिस उस समय सन्न रह गई, जबकि चालक का शव तालाब से पानी घटते ही मलबे में फंसा मिला। उस समय पुलिस का कोई अधिकारी मौके पर नहीं था। सूचना पर एलआरपी चौकी इंचार्ज मनोज सिंह मौके पर पहुंचे और चालक का शव मिलने की उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इस तरह यदि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो चालक का शव पहले दिन ही मिल जाता।
पंपिंग सेट भी देते रहे दगा
तालाब से पानी निकालने के लिए लगे पंपिंग सेट भी कई बार दगा देते रहे, जब वह तकनीकी खराबियों से बंद हुए। इससे पीड़ित परिवार वालों और पुलिस की बेचैैनी बढ़ती रही। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि तालाब अधिक गहरा था, जिसमें से पानी निकालने के लिए चार पंपिंग सेट लगाए गए।