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धमाके से कांप गया आसपास का इलाका

Mon, 29 Aug 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/तिकुनियां/बेलरायां (लखीमपुर खीरी)।
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bomb - फोटो : amar ujala
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एसएसबी ने झाड़ा पल्ला, सिविल पुलिस करेगी जांच
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सुबह का समय, गांव वनबीरपुर के अधिकतर लोग उठ चुके थे। अचानक इतना तेज धमाका हुआ कि धरती कांप उठी। पल भर के लिए लोग अवाक रह गए। बच्चे दहशत में आकर घरों में ही दुबक गए। विस्फोट में जहां युवक उत्तम की मौत हो गई जबकि छह लोग घायल हो गए। 
पांच साल पहले नेपाल माओवादियों से परेशान था। माओवादी छोटे-छोटे शक्तिशाली बम बनाकर बाइक और साइकिलों में फिट कर देते थे। जब पुलिस आती थी तो वे बाइक और साइकिल मौके पर छोड़कर भाग जाते थे। आशंका है कि नेपाल में माओवाद के दौरान बनाए गए बम में से किसी ने धोखे से घर में रखा एक बम कबाड़ में उत्तम को दे दिया, जिसे वह कबाड़ समझकर घर ले आया और उसे तोड़ने के दौरान हादसा हो गया। इधर, स्थानीय पुलिस और एसएसबी अवैध विस्फोटक सामग्री से धमाका न होने की बात कह रही है, लेकिन यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। घटना के बाद से गांव में दहशत है। एसएसबी ने इस घटना से पल्ला झाड़ लिया है। उसका कहना है कि मामला सिविल पुलिस का है, वही मामले की जांच करेगी। 
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विधायक ने हरसंभव मदद का दिया आश्वासन
मृतक उत्तम काफी गरीब था। वह नेपाल में कबाड़ के बदले आलू-प्याज देकर परिवार का पालन पोषण करता था। वह सीधे और सरल स्वभाव का था, सपा विधायक कृष्ण गोपाल पटेल मृतक के घर पहुंचे और परिवार वालों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने उसके घर वालों को चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी और मुख्यमंत्री कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया।

... कहीं स्क्रेप में छिपाकर तो नहीं लाए जा रहे हथियार!
टीएन अवस्थी 
लखीमपुर खीरी। नेपाल के सीमावर्ती गांव वनबीरपुर में विस्फोट के बाद सीमा की सुरक्षा और निगरानी पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। यह बात पहले भी सामने आ चुकी है कि आतंकवादी संगठन भारत में अवैध हथियारों और नकली करेंसी की सप्लाई नेपाल के रास्ते करते रहे हैं। कई सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी और मुस्तैदी के बाद भी स्क्रेप में विस्फोटक सामग्री का यहां पहुंचना सीमा पर चौकसी को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। 
यूपी की तराई से जुड़े लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और बहराइच जिले की सीमा नेपाल से जुड़ी हुई है। खुली सीमा होने और जंगलों से होते हुए निकले सुगम रास्ते सीमा सुरक्षा में सेंध हैं। इन्हीं रास्तों से तस्करी होती है। देश विरोधी ताकतें घुसपैठ करने के लिए नेपाल होकर भारत में प्रवेश करती हैं। भारत सरकार ने घुसपैठ, तस्करी आदि पर रोक लगाने के लिए सीमा पर एसएसबी समेत कई सुरक्षा एजेंसियां तैनात की हैं। वर्तमान समय में खीरी जिले की सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा एसएसबी तृतीय बटालियन के पास है। इसके अलावा कई खुफिया एजेंसियां और नागरिक पुलिस भी तैनात हैं। पड़ोसी मित्र राष्ट्र होने के कारण दोनों देशों के बीच आसानी से आवागमन होता है। 
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भारत और नेपाल के सीमावर्ती गांवों के सैकड़ों लोग भारत आते-जाते हैं। भारतीय आलू, प्याज, गुड़ आदि सामान लेकर उसकी बिक्री करने नेपाल जाते हैं। वनबीरपुर (तिकुनियां) में घर के बाहर जमा किया गया स्क्रेप नेपाल से ही आया था। इस बात की पुष्टि एसएसबी और पुलिस के अधिकारी भी कर रहे हैं। एसपी अखिलेश चौरसिया ने भी विस्फोटक होने की बात से इंकार नहीं किया है। ऐसे में अब सवाल यह है कि जब सीमा खुली है और तमाम सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता बरत रही हैं और आने-जाने वाले लोगों की तलाशी भी ली जा रही है, ऐसे में ये विस्फोटक कैसे यहां तक पहुंचा? इसका जवाब एसएसबी और पुलिस भी नहीं है। 
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