शहर के मोहल्ला बहादुरनगर निवासी सर्राफ कृष्ण कुमार सोनी और उनकी पत्नी, बेटे और बेटी द्वारा एक साथ सल्फास खाकर खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस मामले में तहरीर मिलने पर जांच और कार्रवाई की बात कह रही है। उधर, मृतक के भाई अशोक कुमार सोनी ने तहरीर देने की बात कही है। मरने से पहले कृष्ण कुमार सोनी ने सुसाइड नोट में सूदखोरों के मकड़जाल में फंसकर तबाह होने का जिक्र किया है, जिसमें 10 साल तक कर्ज पर आठ से दस फीसदी तक मोटा ब्याज अदा करते-करते कर्जा बढ़ने की बात कही गई।
बृहस्पतिवार की सुबह मोहल्ला बहादुरनगर में सर्राफ कृष्ण कुमार सोनी, पत्नी माया सोनी, बेटा अंकुर उर्फ आशीष कृष्ण सोनी और बेटी रिशू सोनी ने एकसाथ सल्फास खाकर खुदकुशी कर ली थी, जिसमें कृष्ण कुमार सोनी की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी, बेा और बेटी ने घर में ही दम तोड़ दिया था। एक साथ पूरे परिवार के आत्महत्या करने की घटना से लोग सन्न रह गए। जबकि पीड़ित परिवार अभी तक संभल नहीं सका है। इस घटना के पीछे सूदखोरी के खूनी पंजों की कहानी सामने आ रही है। बताते चलें कि सूदखोरी के खिलाफ सरकार ने सख्त कानूनी प्रावधान कर रखा है, लेकिन बावजूद इसके सूदखोरों में भय नहीं है। हालांकि लोगों को इस घटना से सबक लेने की जरूरत है, क्योंकि सूदखोरों के मकड़जाल में उलझकर जिंदगी का हश्र दर्दनाक अंजाम में बदल सकता है।
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ब्याज चुकाता रहा, कर्ज बढ़ता गया
सुसाइड नोट में कृष्ण कुमार सोनी ने लिखा कि आठ से 10 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज ले रखा था, जिसका ब्याज ही 10 वर्ष तक चुकाता रहा। इसके बावजूद उस पर कर्ज बढ़ता चला गया। कर्ज कितना था, इसका जिक्र नहीं किया गया है।
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हमने जो दिया, वो मिला नहीं
सुसाइड नोट में यह भी जिक्र करते हुए कृृष्ण कुमार सोनी ने बताया हैै कि हमने लोगों को दुकानदारी में उधार सामान दिया था, जो मिला नहीं। इससे आर्थिक स्थिति और अधिक डांवाडोल हो गई।
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भागे पर न मिला ठिकाना
कर्जा बढ़ने से परेशान कृष्ण कुमार सोनी घटना से चार दिन पूर्व परिवार सहित कहीं और ठिकाने की तलाश में निकला था। करीब तीन दिन तक बाहर घूमने के बावजूद उसे ठिकाना नहीं मिला, तो परिवार समेत बुधवार को वापस लखीमपुर लौट आया। इसके बाद गुडविल खत्म होने औैर शर्म की वजह से उसने परिवार समेत खुदकुशी का फैसला कर लिया।
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बेेटे और बेटी को समझाया था....
कृष्ण कुमार ने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसने बेटे और बेटी से अपनी बेबसी बताते हुए खुद और पत्नी के आत्महत्या करने की बात कही थी। जबकि दोनों बच्चों को जहर नहीं देना चाहता था, लेकिन दोनों बच्चों ने माता-पिता के साथ ही मरने का फैसला कर लिया।
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चार लोगों के एकसाथ आत्महत्या करने का मामला बेहद दर्दनाक है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-अरविंद सेन, एसपी