केंद्र के बोरों का सत्यापन न कराने पर डिप्टी आरएमओ ने भेजी रिपोर्ट
क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों की होगी जांच
राजापुर मंडी में आढ़तियों के फड़ पर बरामद हुए 1214 सरकारी बोरों में गेहूं के मामले में चल रही जांच के दौरान बिना सूचना के क्रय केंद्र से अनुपस्थित होने पर केंद्र प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मंडी स्थित कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय केंद्र पर बोरों का सत्यापन करने के लिए डिप्टी आरएमओ कौशल देव गए थे, तो केंद्र बंद मिला था। वहीं जिले भर में 149 क्रय केंद्रों पर अब तक हुई खरीद की जांच कराई जाएगी, जिसमें विशेष तौर पर किसानों का रिकार्ड खंगाला जाएगा।
मंडी में खुलेआम सरकारी बोरों में गेहूं भरकर क्रय एजेंसियों पर सप्लाई किए जाने के गंभीर मामले में डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने जांच और तेज कर दी है। डिप्टी आरएमओ कौशल देव जांच के लिए मंडी स्थित कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय केंद्र पर पहुंचे, तो केंद्र प्रभारी दिनेश तिवारी बगैर अवकाश लिए नदारद मिले। मौके पर केंद्र भी बंद पाया गया। पूछताछ में पता चला कि कई दिनों से बंद है। डिप्टी आरएमओ ने केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश एजेंसी के प्रबंधक जसवंत सिंह को दिए। इस पर प्रबंधक ने आरोपी केंद्र प्रभारी दिनेश तिवारी के खिलाफ निलंबन की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट अपने उच्चाधिकारियों को भेज दी है। वहीं आरोपी केंद्र प्रभारी ने पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए इलाज के लिए लखनऊ जाने की बात कही है, लेकिन बिना सूचना के गायब होने से प्रथम दृष्टया केंद्र प्रभारी दोषी पाए गए।
क्रय केंद्रों पर खरीदे गेहूं की होगी जांच
इस प्रकरण में सरकारी खरीद में लगी क्रय एजेंसियां भी सवालों के घेरे में आ गई है। लिहाजा क्रय केंद्रों पर जिन किसानों ने गेहूं बेचा है, उसकी जांच कराई जाएगी। सूत्र बताते हैं कि एक किसान के नाम पर कई बार गेहूं बेचा गया, जबकि उसके पास जमीन भी नहीं थी। इसके अलावा कुछ फर्जी किसानों के नाम पर भुगतान की संभावना जताई जा रही है।
क्रय केंद्रों पर जिन किसानों ने गेहूं बेचा है, उनका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। जांच के बाद ही असलियत सामने आ सकेगी। इसको लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कौशल देव, डिप्टी आरएमओ