- बगैर लाइसेंस कारोबार करने वालों पर कसा शिकंजा
- एडीएम और एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर किए गए
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बगैर रजिस्ट्रेशन/लाइसेंस के खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर शिकंजा कस दिया है। अभिहित अधिकारी डॉ. अमर सिंह वर्मा ने रजिस्ट्रेशन न होने के चलते आठ व्यापारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुुकदमा दायर कराया हैै। जबकि बिना लाइसेंस के बड़ा व्यापार कर रहे दो फर्म मालिकों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया हैै, जिसमें गोला स्थित राइस मिलर्स भी शामिल हैै।
अभिहित अधिकारी डॉ. अमर सिंह वर्मा की अगुवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिले भर में अभियान चलाकर दुकानों औैर प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस चेक किए थे। इस कार्रवाई में पलिया स्थित अनिल जायसवाल का होटल, रिषभ अग्रवाल का प्रतिष्ठान, अनिल कुमार गुप्ता की दुकान, खीरी टाउन के मोहल्ला शेखसराय निवासी आरिफ पहलवान की धौैरहरा स्थित दुकान, संपूर्णानगर के महंगापुर निवासी गुरुप्रीत सिंह का प्रतिष्ठान, पलिया स्थित दून इंटरनेशनल स्कूूल की कैंटीन, शहर से सटे गांव राजापुर स्थित रिंकू वर्मा के होटल की जांच की गई, तो किसी के पास रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। इस पर टीम ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा था, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर सभी आठों व्यापारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है। इसी तरह गोला निवासी राजकुमार जायसवाल की राइस मिल और निघासन के गुड़ व्यापारी मंगला प्रसाद के पास लाइसेंस नहीं मिला, जिसके चलते दोनों के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया हैै।
बिना रजिस्ट्रेशन के खाद्य पदार्थ का कारोबार करने वालों पर एडीएम कोर्ट अधिकतम दो लाख रुपयेे जुर्माना कर सकती हैै। जबकि बगैर लाइसेंस कारोबार करने वाले व्यापारियों को छह महीने की जेल या पांच लाख तक जुर्माने की सजा हो सकती है।
- डॉ. अमर सिंह वर्मा, अभिहित अधिकारी