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बड़ागांव में गड़बड़ी हुई तो  सख्ती से निपटेगी पुलिस

Sun, 09 Oct 2016 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर खीरी/शारदानगर।
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d - फोटो : demo pic
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दोनों पक्ष अपनी बातों पर अड़े, एक्शन के मूड में पुलिस 
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भारी पुलिस के साथ एएसपी ने किया रूट मार्च
पुलिस चौकी शारदानगर क्षेत्र के गांव बड़ागांव में ताजिया रखने को लेकर दोनों समुदाय के लोग अपनी-अपनी बातों पर अड़ गए हैं, जिससे गांव में टकराव की स्थिति बन गई है। पुरानी परंपरा और समझौता तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस भी अब कड़े एक्शन के मूड में हैं। एसपी अखिलेश चौरसिया ने साफ शब्दों में कहा कि यदि गांव में माहौल खराब हुआ तो पुलिस सख्ती से निपेटगी। पुलिस ने दोनों पक्षों के 80 लोगों को भारी मुचलके में पाबंद भी किया है। उधर शहर में रूट मार्च करने के बाद एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी भारी लाव लश्कर के साथ गांव पहुंचे और रूट मार्च कर कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया। 
बड़ागांव में एक धार्मिक स्थल पर तजिया रखने को लेकर दो समुदायों में पिछले करीब चार साल से टकराव चल रहा है। एक पक्ष का आरोप है कि गांव के मेला मैदान में लगे एक पूजनीय वृक्ष के चबूतरे के नीचे दूसरे पक्ष के लोग जबरन ताजिया रख मातम मनाते हैं। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि इस जगह पर हमेशा ताजिए रखे जाते हैं। इस विवाद का पुलिस कई बार समझौता भी करा चुकी है, लेकिन कुछ लोगों की शह पर हर साल ताजिए रखने को लेकर विवाद शुरू हो जाता है। इससे गांव में तनाव की स्थिति बनी है। शनिवार को एक बार फिर पुलिस प्रशासन ने विवाद शांत कराने की पहल की थी। फिलहाल पुलिस अपनी ओर से कोई कसर नही छोड़ना चाहती। पुलिस दोनों पक्षों के 80 लोगों को दो-दो लाख के मुचलके में पाबंद किया है। एसपी अखिलेश चौरसिया ने साफ तौर पर कहा कि पिछले साल हुए आपसी समझौते के आधार पर ही बड़ागांव के लोग मोहर्रम मनाएं। यदि किसी ने पुराने समझौते को तोड़ने या नई परंपरा डालने की कोशिश की तो पुलिस कड़ा कदम उठाएगी। किसी भी दशा में माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। उधर शहर में फ्लैग मार्च निकालने के बाद एएसपी लंबे-चौड़े काफिले के साथ बड़ागांव पहुंचे और रूट मार्च किया। उन्होंने भी सख्त लहजे में लोगों से ताकीद की कि गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा। चाहे वह किसी भी जाति और धर्म के हो।  
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ये हुआ था समझौता
करीब तीन साल पहले तत्कालीन चौकी इंचार्ज मोहम्मद अशरफ ने अधिकारियों के आदेश पर दोनों पक्षों के बीच हुए सुलह समझौते में विवादित स्थल के बीच लगे खड़ंजे से 25 मीटर की दूरी पर ताजिएदारों ने ताजिया रख मोहर्रम मनाने की सहमति बनी थी। उस साल तो मोहर्रम आराम से निपट गया। आरोप है कि पिछले वर्ष एक पक्ष ने समझौते को तोड़ते हुए विवादित स्थल पर फिर ताजिया रख दिया था। इससे दोनों पक्षों के हजारों लोग आमने सामने आ गए थे। पहले से अलर्ट पुलिस-प्रशासन समय रहते मामले को संभाल ले गया था। 
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