क्षेत्र के गांव पठाननपुरवा में आग से चार घर जलकर राख हो गए। आग लगने से घर में अपने चार वर्षीय भाई के साथ सो रही एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची जिंदा जल गई। उसका भाई और मां भी आग की चपेट में आने से झुलस गए। एक बकरी भी जलकर मर गई। मौके पर पहुंचे दमकल विभाग ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। तहसीलदार ने घटनास्थल का जायजा लिया।
पढुआ के मजरा पठाननपुरवा निवासी शहजाद का चार वर्षीय पुत्र सुफियान और तीन वर्षीय बेटी शबनम एक ही चारपाई पर सो रहे थे। परिवार के सभी लोग बाहर थे। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक आग लगने से शहजाद का घर जलने लगा। तेज हवा के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घर जलता देखकर शहजाद की पत्नी शाकिरा बच्चों को बचाने के लिए अंदर घुसी। वह सुफियान को लेकर बाहर आ गई। अधिक आग के कारण उसकी तीन वर्षीय मासूम बेटी शबनम उसी में जलकर मर गई। बच्चों को बचाते समय शाकिरा की पीठ झुलस गई। आग ने पड़ोसी शब्बीर, शहबाज और सत्तार के घर को भी अपने आगोश में ले लिया। सत्तार की एक बकरी और घरेलू सामान आदि जल गए। शहबाज के पांच हजार, शहजाद के एक हजार और सत्तार के 1500 रुपये जल गए। तहसीलदार ने घटना स्थल का मुआयना कर पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। राजस्व प्रशासन ने अग्निकांड में करीब एक लाख से अधिक की क्षति का अनुमान लगाया है।