स्कूल के प्रधानाचार्य समेत दो घरों में हुई चोरी की घटनाओं के खुलासे पर सवालिया निशान लग गया है। वादी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्हें बरामद चोरी का सामान दिखाये बिना ही चोरी की घटना का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि बरामद सामान एक सोनार की दुकान से खरीदा गया था। आरोप है कि पुुलिस फर्जी तरीके से चोरों को जेल भेज रही है।
21 अगस्त को शांती देवी और सहजराम के घर में घुसकर चोरों ने नकदी, जेवर समेत हजारों का सामान चोरी कर लिया था। गांव दुलही निवासी रामचंद्र के घर में घुसे चोरों ने भी साड़ी, कपड़ा और जेवर आदि सामान चोरी कर लिया था। पुलिस ने अपना दामन बचाने के लिए गांव पठाननपुरवा निवासी अतीक और वसीम के पास से एक जोड़ी पायल, चार जोड़ी चुटकी, पांच हजार रुपया नकद बरामद करने का दावा किया है। स्कूल के प्रधानाचार्य नंदकिशोर श्रीवास्तव ने बताया चोरों को पकड़कर भले ही पुलिस ने चोरी का खुलासा कर दिया हो, लेकिन यह फर्जी खुलासा है। वादी को बिना बुलाए ही सामान बरामद किया गया है। उधर रामचंद्र ने भी इस खुलासे को पुलिस का नाटक बताया है। बताते हैं कि पकड़े गए आरोपी कई बार लूट और चोरी के सिलसिले में जेल जा चुके हैं। हाल ही में दोनों आरोपी जेल से छूटकर घर आए थे। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने दोनों को घर से पकड़कर जेल भेजा है। एसओ निघासन परशुराम ओझा ने बताया कि यह सच है कि मैंने वादी को सामान शिनाख्त करने के लिए नहीं बुलाया था। चोरी का वर्कआउट फर्जी नहीं है खुलासा सही हुआ है।