65 किलोमीटर का है मानक, सात पर डाला जुर्माना
सड़कों पर ओवरस्पीड में दौड़ रहीं रोडवेज की अनुबंधित बसों के मालिकों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। जीपीएस सिस्टम प्रणाली से लखीमपुर डिपो की 35 अनुबंधित बसों की स्पीड मानक से अधिक पाई गई है। जिस पर एआरएम वीके गोस्वामी ने सात बस मालिकों पर जुर्माना डालते हुए 28 बस मालिकों को नोटिस जारी करते हुए अंतिम चेतावनी दी है।
लखीमपुर डिपो में अनुबंधित बसों के ओवर स्पीड में चलाए जाने की लगातार मिल रही शिकायतों को एआरएम ने गंभीरता से लिया है। एआरएम की ओर से जीपीएस सिस्टम प्रणाली से बसों की निकलवाई गई स्पीड सूची में तीन दर्जन बसों की गति मानक से ऊपर पाई गई। जिस पर कार्रवाई करते हुए लखीमपुर डिपो के एआरएम ने पांच बस मालिकों पर दो-दो सौ रुपये का और दो बस मालिकों पर पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना डाला है। वहीं अन्य बसों के मालिकों को अनुबंध समाप्त किए जाने की चेतवानी दी। इस संबंध में एआरएम लखीमपुर वीके गोस्वामी ने बताया कि मिल रही शिकायतों पर जब बसों की स्पीड की जानकारी मुख्यालय से ली गई तो उसमें 35 बसों की स्पीड मानक से ज्यादा निकली। उन्होंने बताया कि इस में जिन बसों की स्पीड एक बार अधिक निकली है उनके मालिकों को नोटिस जारी करके स्पीड गर्वनर लगाने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि 28 बसों की गति एक बार में 80 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक पाई गई है। इसलिए इन बस मालिकों पर दो-दो सौ रुपये और जिन बसों की स्पीड एक बार से अधिक 80 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक पाई गई है। उनके मालिकों पर पांच पांच सौ रुपये का जुर्माना डाला गया है।
65 की स्पीड का है मानक
एआरएम वीके गोस्वामी ने बताया कि निगम की ओर से बसों की गति का मानक 65 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित है, लेकिन अनुबंधित बसों के चालक सड़कों पर बसों को 80 किलोमीटर तथा इससे भी तेज दौड़ाते हैं।
बसों में लगवाएं स्पीड गवर्नर
एआरएम ने लखीमपुर डिपो में अनुबंधित बसों के चालकों की मनमर्जी पर अंकुश लगाते हुए बस मालिकों को बसों में स्पीड गवर्नर लगवाने की नोटिस जारी की है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान बसों में स्पीड गवर्नर न लगा पाए जाने पर बसों को रूट पर संचालन बंद कर दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं बस मालिकों की होगी।