मोहम्मदी क्षेत्र के गांव बड़खर में हुए मनमोहन हत्याकांड में अभी तक फरार चल रहे दो हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं पुलिस भी आरोपियों को पकड़ने के बजाय खामोश बैठी है। पीड़ित परिवार ने डीएम और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर हत्यारोपियों द्वारा जानमाल की धमकी देने और पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप लगाए हैं।
बता दें कि 15 अक्तूबर की शाम करीब छह बजे बड़खर निवासी मनमोहन अग्निहोत्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें पुलिस ने गांव के ही नामजद अभियुक्त अखिल चौबे, मुकेश चौबे और अनुराग के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में अभी तक मुख्य अभियुक्त अखिल की गिरफ्तारी हो सकी हैै। जबकि दो सह अभियुक्त मुकेश और अनुराग फरार हैैं। मृतक की मां सरस्वती और पत्नी प्रीती देवी सहित पूरे परिवार ने मोहम्मदी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैैं। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि फरार अभियुक्त रात को गांव आते हैं और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हैं। मोहम्मदी पुलिस को कई बार सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही हैै। पीड़ित परिवार ने शीघ्र फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
हत्यारोपी पहले भी कर चुके हैं कत्ल
मृतक की मां सरस्वती देवी ने बताया है कि हत्यारोपी पेशेवर हत्यारे है। उन्होंने 1999 में होमगार्ड विजय गिरि की गांव में गोली मारकर हत्या कर दी थी। होमगार्ड ने मरने से पूर्व कलमबंद बयान भी दर्ज कराए थे, जिसका मुकदमा अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा अभियुक्तों के चचेरे भाई उमाशंकर उर्फ नन्हें ने 1980 में मृतक के ताऊ मेवाराम की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसमें अभियुक्त को 20 वर्ष की सजा हुई थी।