दो मई की शाम घर से निकला था अधेड़
शव को मगरमच्छों के खाने की है आशंका
सात दिन से गायब चल रहे थाना सिंगाही के गांव खैरीगढ़ निवासी अधेड़ का शव दुधवा टाइगर रिजर्व के अंदर जौराहा नदी के अमुवापुल के पास बरामद हुआ। शव काफी सड़ागला और अधखाया हुआ था, जिससे शिनाख्त नहीं हो पा रही थी। पुल के निकट रखे मिले बैग से शव की पहचान हुई।
गांव खैरीगढ़ निवासी इश्तखार बेग(55) की शादी नहीं हुई थी। वह गांव में ही रह रहे अपने भांजे जावेद के घर रहते थे। जावेद ने बताया कि मामा इश्तखार मंदबुद्धि के थे। वह अक्सर घर से बिना बताए बरेली में रह रहे अपने बड़े भाई जब्बार और आंवला में रह रही बहन के घर चले जाते थे। दो मई की शाम को मामा इश्तखार बैग लेकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। कई जगहों और रिश्तेदारियों आदि में तलाश की थी, लेकिन कोई अता-पता नहीं चला। इस पर उन्होंने थाना सिंगाही में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शनिवार की शाम गांव भैरमपुर के कुछ लोगों ने जौराहा नदी के टाइगर रिजर्व में स्थित अमुवापुल के निकट एक शव देखा, जिसे मगरमच्छ नोच रहे थे। इसकी सूचना भैरमपुर के चौकीदार मंगल ने पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव बाहर निकलवाया। शव का काफी हिस्सा मगरमच्छों ने खा डाला था। इससे शव की शिनाख्त नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने शव मिलने की सूचना भांजे जावेद को देकर शिनाख्त के लिए बुलवाया। मौके पर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पहुंचे जावेद ने पुल के निकट रखी बैग और कपड़ों से शव की शिनाख्त अपने मामा के रूप में की। ग्रामीणों और परिवार वालों ने आशंका जताई है कि अधेड़ पानी पीने के लिए नदी में गया होगा। इसी बीच मगरमच्छ ने उन्हें नदी में खींच ले गया होगा। बतादें कि जौराहा नदी में बड़ी तादाद में मगरमच्छ पाए जाते हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।