फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

व्यापारी को लूटा और मारकर फेंक दिया

Wed, 19 Apr 2017 11:21 PM IST
लखीमपुरखीरी
विज्ञापन
hatya - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विज्ञापन
कजरिया वनगवां मार्ग के समीप जंगल के पास मिला शव 
शव पर कई जगह थे गहरे जख्म
40 हजार की नगदी, मोबाइल गायब      

 कजरिया-बनगवां मार्ग पर पलिया के व्यापारी की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया गया। शव पर धारदार हथियार के जख्म थे। व्यापारी की बाइक कुछ दूर पर पड़ी थी। घर वालों का कहना है कि उसके पास करीब 40 हजार रुपये और मोबाइल था, जो गायब है। मृतक के पुत्र ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है, लेकिन कुछ थारुओं और नेपालियों के घटना में शामिल होने की आशंका जताई है।
पलिया के मोहल्ला बाजार दो निवासी 55 वर्षीय सुभाष चंद्र गुप्ता पुत्र सूबेदार गुप्ता मूलत: बदायूं के रहने वाले थे। गौरीफंटा कोतवाली क्षेत्र के गांव बनगवां मंडी में उनकी किराने की दुकान है। वह बुधवार को दोपहर में कजरिया गांव में किसी व्यापारी के यहां गए थे। दोपहर करीब ढाई बजे एक व्यक्ति ने उनको लहूलुहान हालत में कजरिया-बनगवां मार्ग पर पड़ा देखा। उसने इसकी सूचना व्यापारी के पुत्र को दी। तब घरवाले और गौरीफंटा पुलिस मौके पर पहुंची। घरवाले आनन फानन में उनको एक पिकअप से लेकर पलिया सीएचसी पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके शरीर  सिर, नाक, कंधे आदि पर किसी धारदार हथियार से प्रहार के गहरे घाव थे। मृतक के पुत्र विकास के मुताबिक पिता के पास करीब 40 हजार रुपये की नकदी और मोबाइल था, जो गायब है। नगदी और मोबाइल गायब होने से लूट के बाद हत्या मानी जा रही है। सूचना पर पहले सीओ जितेंद्र गिरी फिर एसपी मनोज कुमार झा भी घटनास्थल पह़ुंचे। घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद सीएचसी में पहुंचकर घरवालों से वार्ता की। मृतक के पुत्र विकास ने तहरीर पुलिस को दे दी है। कोतवाल अजीत कुमार ने बताया कि तहरीर मिल गई और इसी के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। 
विज्ञापन



प्रथम दृष्टया मामला लूट का प्रतीत होता हैै, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। फिलहाल परिवार वालों ने किसी रंजिश से इनकार किया है। ऐसे में लूट के दौरान हत्या की अधिक संभावना है।
मनोज कुमार झा, एसपी
         
30 सालों से यहां कर रहे थे व्यापार            
मृतक सुभाष चंद्र गुप्ता इस इलाके में करीब 30 सालों से व्यवसाय कर रहे थे। वह धनगढ़ी नेपाल के मिलन चौक पर भी एक घर किराए पर लिए हुए थे, जिसमें वह उनकी पत्नी, पांच बेटियां, एक पुत्र रहते थे। बताया गया है कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं रहा है। वह काफी सरल स्वाभाव के बताए जा रहे हैं। फिलहाल उनकी इस तरह से हुई मौत से घरवालों में कोहराम मच गया है।             

7 जनवरी वर्ष 2016 को एसएसबी के एसआई की ऐसे ही हुई थी हत्या            
सात जनवरी वर्ष 2016 को भारत नेपाल सीमा से महज करीब चार किलोमीटर पहले स्थित एसएसबी 39वीं वाहिनी की कजरिया बीओपी में तैैनात 49 वर्षीय एसआई दीप सिंह सोडा पुत्र लक्ष्मण सिंह सुबह करीब पांच बजे पीटी ड्रेस में मार्निंग वाक को निकले थेे। सुबह करीब 6.30 बजे सीमा से गश्त कर लौट रही एसएसबी टीम के जवानों ने देखा कि उनका शव कजरिया गांव के पास एक मैदान में पड़ा हुआ है।  उनके मुहं पर किसी वस्तु से प्रहार किया गया था और नाक से खूब खून बहा पड़ा था। इसके बाद इसी क्षेत्र में एक नेपाली का शव भी पाया गया था।             
विज्ञापन


नेपाली खुकरी के इस्तेमाल की संभावनाएं            
मृतक व्यापारी के शरीर पर मिले निशानों से साफ जाहिर हो रहा है कि हमला किसी धारदार हथियार से हुआ है लेकिन इस हथियार में सबसे ज्यादा संभावनाएं नेपाली खुकरी की जताई जा रही हैं। जानकारों के मुताबिक मृतक के शरीर पर मिले जख्मों से ऐसा ही प्रतीत हो रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें