छप्पर उड़े, पेड़ गिरे, कटी गेहूं की फसल को नुकसान
ओलों की मार से मरे पक्षी, किशोरी भी हुई घायल
कई दिनों से हो रही भीषण गर्मी के बाद रविवार देर शाम तेज आंधी आई। बारिश होने के साथ ओले गिरे इससे गर्मी से तो कुछ राहत मिली, लेकिन खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल भीग कर खराब हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि घरों के छप्पर और टीन शेड उड़कर दूर जा गिरे। ओलों की चपेट में आने से मोर समेत कई पक्षियों की मौत हो गई। सहिजना रामपुर बनवारी में ओलों की चपेट में आकर किशोरी घायल हो गई, जिसे शाहजहांपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पिछले 10 दिनों से भीषण गर्मी के बाद रविवार शाम अचानक आसमान में बादल घिर आए। रात करीब नौ बजे अचानक आई तेज आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर में तो आंधी का खास असर नहीं हुआ, लेकिन गांवों में कई झोपड़ियां तहस नहस हो गईं। छप्पर और टीन शेड आदि उड़कर दूर जा गिरे। आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई। जिले के कई इलाकों में भारी बारिश के साथ ओले भी गिरे। इससे तापमान में गिरावट आई है लेकिन खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
जंगबहादुरगंज। पसगवां ब्लॉक क्षेत्र में रविवार देरशाम हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से पक्षियों और फसलों का भारी नुकसान हुआ। ग्राम सहिजनारामपुर बनबारी में घर के बाहर भैंस खोलने गई राम निवास की 16 वर्षीया पुत्री ज्योति ओलों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे गंभीर हालत में शाहजहांपुर में भर्ती कराया गया। इसके अलावा घाघपुर, चंदीला, नकटी में खेतों में पानी भर जाने से गेहूं की फसल चौपट हो गई है। ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों में मकानों को भी नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय पक्षी मोर सहित कई पक्षी तथा उनके अंडे बच्चे भी ओला गिरने से मृत हुए हैं।
हैरमखेड़ा। रविवार रात आंधी और पानी के साथ दो घंटे तक जमकर ओले बरसे। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह छप्पर और टीन शेड उड़ गए। तेज आंधी से क्षेत्र में विद्युत पोल ट्रांसफार्मर सहित टूट गए, जिससे बिजली की व्यवस्था क्षेत्र में बुरी तरह चरमरा गई तेज आंधी से बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर रास्ते पर गिर गए जिससे निकलने वाले वाहनों को काफी परेशानी हुई। अलियापुर गांव निवासी राजेंद्र की दो गायों की मौत हो गई और हेमराज की एक गाय की मौत हो गई तो एक बछड़ा घायल हो गया। इसी गांव के नन्हुक्के भी ओले की चपेट में आने से चोटिल हुए हैं।
बांकेगंज। रविवार की शाम करीब नौ बजे एकाएक काले बादल छाए और आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ जगहों पर ओले भी पड़े। हालांकि कि कस्बे में कुछ देर ही बारिश हुई लेकिन फसलों को काफी नुकसान हुआ।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल ने बताया कि गेहूं की तैयार फसल बारिश में भीगने से नम हो गई। इससे कटाई पर असर पड़ा है। वहीं बारिश गन्ना और आम की फसल के लिए वरदान साबित हुई है। बारिश से खेतों में चल रही गेहूं की कटाई प्रभावित हुई है।
मितौली। तेज हवाओं से जगह-जगह बिजली के खंभे धराशायी हो गए। कई जगहों पर बिजली के तार जमीन पर आ गए। इससे क्षेत्र की बिजली रविवार शाम से गुल हो गई। पूरी रात लोगों को बिना बिजली के बितानी पड़ी। कई जगहों पर दोपहर को बिजली बहाल हो पाई। जबकि कस्बे की बिजली करीब 22 घंटे बाद बहाल हो सकी। तेज हवाओं के कारण लोगों के टीन शेड हवा में उड़ गए। कई छप्पर दूर जा गिरे। हवा के तेज झोकों से लोगों को काफ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खेतों में कटी पड़ी और खड़ी गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है।