लखीमपुर खीरी। लखीमपुर से अलीगढ़ अपनी ससुराल जा रहे युवा व्यवसायी अकरम खान भी कासगंज में हुई हिंसा में घायल हो गए। कासगंज से गुजरने के दौरान भीड़ ने उनकी कार पर पथराव कर दिया, जिससे उनकी एक आंख जख्मी हो गई। इस समय उनका इलाज अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
शहर के प्रमुख व्यवसायी हबीब खां के युवा पुत्र अकरम खान (32) ने अमर उजाला को बताया कि 26 जनवरी के दिन अपनी गर्भवती पत्नी से मिलने ससुराल अलीगढ़ जा रहे थे। 27 जनवरी को उनकी पत्नी का डॉक्टरों ने आपरेशन बताया था। इसलिए वह लखीमपुर से सुबह अपने साथ में पत्नी की देखरेख करने के लिए एक महिला को लेकर अलीगढ़ के लिए निकले थे। दोपहर में जब उनकी कार कासगंज के पास पहुंची तब तक कस्बे में उपद्रव फैल चुका था। वह एंड्रायड फोन चलाते थे, इसलिए उन्हें थोड़ी सी जानकारी इस मामले में मिल चुकी थी। इसी के चलते वह सतर्कता भी रखे थे, लेकिन लोगों ने बताया कि इस रास्ते से निकल जाओ। तभी अकरम जैैसे ही कासगंज के नरदई चौराहे के पास पहुंचे सामने से आ रही एक भीड़ में वह घिर गए। लोग पत्थरबाजी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी कार पर अचानक कई पत्थर एवं लाठी लगीं, जिससे कार के शीशे टूट गए और कुछ पत्थर सिर एवं आंख पर आकर लगे, जिसमें उनकी बायीं आंख से दिखना बंद हो गया। घायल हालत में उन्होंने लोगों से मदद मांगी, लेकिन भीड़ चली गई फिर वह अपनी कार चलाकर पुलिस के पास पहुंचे, वहां से पुलिस की अगुवाई में वह कासगंज अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने हालत देखकर अलीगढ़ रेफर कर दिया। अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में शनिवार को पांच घंटे तक अकरम का आपरेशन चला।