थाना क्षेत्र के गांव डलुवापुर निवासी 38 वर्र्षीय किसान धीरेंद्र्र सिंह ने बैंक के कर्ज से परेशान होकर तमंचे से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। किसान पर पीएनबी और सहकारी बैंक का तीन लाख रुपये कर्ज था।
धीरेंद्र्र सिंह उर्फ मल्हे गुरुवार की सुबह नौ बजे कमरे में अकेला बैठा था। इसी दौरान उसके कमरे से फायर की आवाज आई। जिसे सुनकर परिवार वाले कमरे की ओर भागे तो वहां का नजारा देखकर सभी स्तब्ध रह गए। अंदर खून से लथपथ मल्हे तड़प रहा था। पास में ही 315 बोर का तमंचा पड़ा था। भाई गुड्डू सिंह और अंग्रेज सिंह आनन-फानन में उसे लेकर जिला अस्पताल लखीमपुर भागे, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मृतक किसान पर पंजाब नेशनल बैंक की कस्ता शाखा का 2,57,974 रुपये, साधन सहकारी समिति का 48,250 रुपये कर्ज था। इसके अलावा बाजार का भी करीब एक लाख रुपये ऋण था। मृतक के भाई योगेंद्र सिंह ने बताया कि धीरेंद्र के पास 12 बीघे जमीन थी, जिससे परिवार का भरण-पोषण करता था। चार बीघे गेहूं और आठ बीघे गन्ने की फसल बर्बाद होने से वह काफी परेशान रहता था।
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डैमेज कंट्रोल में जुटे एसडीएम, पेट्रोल पंप होने की भेजी रिपोर्ट
मौके पर जांच करने गए एसडीएम मितौली आलोक कुमार वर्मा पत्रकारों से बातचीत में डैमेज कंट्रोल करते नजर आए। उन्होंने मृतक के नाम पेट्रोल पंप होने की न सिर्फ जानकारी दी बल्कि मृतक के नाम करीब 22 बीघे जमीन और आलीशान मकान होने की बात भी कही। इसकी पड़ताल करने पर मृतक के भाई बृजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके परिवार में किसी के पास पेट्रोल पंप नहीं है। फसल बर्बाद होने के कारण उनका भाई बेहद परेशान रहता था। उसके नाम मात्र 12 बीघे कृषि भूमि है। मकान भी पैतृक है।
जिलाधिकारी किंजल सिंह के अनुसार प्रथम दृष्टया कर्ज से परेशान होने की बात संदिग्ध लग रही है, फिलहाल मामले की जांच एसडीएम मितौली कर रहे हैं। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के आधार पर मृतक के परिवार को मुआवजा आदि देने के लिए शासन को आख्या भेजी जाएगी।