बरेली-गोंडा पैसेंजर ट्रेन के पहले डिब्बे का अगला पहिया भीरा रेलवे स्टेशन के पटरी से उतर गया। सूचना मिलते ही मैलानी और पलिया रेल विभाग के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्रेन से पटरी पर पड़े डिब्बे को हटवाया गया। घटना से ट्रैक पर घंटों रेल यातायात ठप रहा। ट्रेन इज्जतनगर से गोंडा जा रही थी।
बरेली-गोंडा पैसेंजर ट्रेन संख्या 52256 शनिवार सुबह करीब 10.30 बजे भीरा से पलिया रेलवे स्टेशन के लिए निकली और मरहिया नाले के पास इंजन से जुड़े पहले डिब्बे का अगले पहिया करीब 10.40 बजे नाले के पुल के पास पटरी से नीचे उतर गया। चालक को कुछ गड़बड़ महसूस हुई तो उसने फौरन इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। तेज झटके के साथ ट्रेन रुकी तो डिब्बों में सवार कई यात्री भीतर गिर पड़े। हालांकि उन्हें इसमें कोई चोट नहीं आई। सूचना पर रेल विभाग में अफरातफरी मच गई और सहायक मंडल इंजीनियर वीएन पांडे, एलआई अजय कुमार, सीएस पलिया नैन सिंह समेत आरपीएफ बल मौके पर पहुंच गया। उन्होंने हालात का बारीकी से जायजा लिया और मैलानी से इंजन मंगवाकर फौरी तौर पर खराब इंजन और उतरे डिब्बे को छोड़ शेष सभी को वापस भीरा भेजवा दिया। इसके बाद क्रेन मंगवाई गई और फिर उतरे डिब्बे को भीरा भेजा गया। इसमें करीब पांच घंटे तक ट्रैक पर यातायात बाधित रहा।
स्टेशन मास्टर एसएन गुप्ता का कहना है कि करीब पांच घंटे तक यातायात बंद जरूर रहा, लेकिन 52253 ट्रेन को छोड़कर अन्य किसी ट्रेन पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा। दोपहर में जाने वाली ट्रेन लेट थी, जो शाम करीब चार बजे यहां आई। तब तक यातायात सुचारू हो चुका था।
कासन ने बचाया बढ़ा हादसा
जिस जगह पर ट्रेन का डिब्बा पटरी से उतरा, वहां पर शारदा नदी के कटान का खतरा रहता है। इसी के चलते रेल महकमे ने यहां कासन लागू कर दिया था। इस कासन में ट्रेन को 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ले जाया जाता है। कासन के चलते ट्रेन की स्पीड काफी कम थी और चालक ने आसानी से उसे रोक लिया। स्पीड ज्यादा होती तो ट्रेन के अन्य डिब्बे पलट सकते थे और इसमें जानमाल का नुकसान हो सकता था। गनीमत रही कि ऐसा नहीं हुआ। चालक विजय बहादुर ने बताया कि कासन की वजह से स्पीड काफी कम थी और इससे ब्रेक लगा कर ट्रेन को रोकना आसान रहा।
दो सौ से अधिक स्लीपर टूूटे
मैलानी। ट्रेन के एक कोच के चार पहिये पटरी उतरने से ही करीब सवा दो सौ मीटर तक कोच के पहिये स्लीपरों से घिसटते चले गये, जिससे दो सौ से अधिक स्लीपर भी टूट गए। जनसंपर्क अधिकारी आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एडीआरएम लखनऊ एसके सप्रा, वरिष्ठ मंडल अभियंता द्वितीय लखनऊ, सीनियर डीएमई कैरिज एंड वैगन लखनऊ राजेश कुमार, सीनियर डीएमई ओएंड एफ वीएस यादव आदि मंडलीय अफसर भी मौके पर पंहुच रहे हैं।
पैदल पलिया पहुंचे यात्री
पलियाकलां। ट्रेन के एक डिब्बे के पटरी से उतर जाने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी का सामना यात्रियों को ही करना पड़ा। आसपास इलाकों के यात्री घटनास्थल पर ही उतर गए, जिसमें से कुछ पैदल, तो कुछ अन्य वाहनों से पलिया आए। शेष यात्री ट्रेन के ठीक होकर फिर से पटरी पर दौड़ने की उम्मीद लिए बैठे रहे, लेकिन जब वापसी का मोड़ आया तो उन्हें भी उससे उतरना पड़ा। इसमें नेपाल जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रूहेलखंड एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें हुईं लेट
मैलानी। भीरा-पलिया के बीच इज्जतनगर-गोंडा पैसेंजर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर यहां खड़ी इज्जतनगर-ऐशबाग रूहेलखंड एक्सप्रेस के इंजन को मौके पर भेजा गया। जिस कारण यह ट्रेन यहां से करीब साढ़े तीन घंटे देरी से तीन बजे रवाना हुई। इसके अलावा गोंडा-मैलानी, मैलानी-ऐशबाग इंटरसिटी फास्ट पैसेंजर सहित कई ट्रेनें लेट हो गईं, जिससे यात्रियों को परेशानियां हुईं। रूहेलखंड एक्सप्रेस के कुछ यात्रियों ने रेलवे स्टेशन की शिकायत पुस्तिका में ट्रेन का इंजन काटकर घटनास्थल पर भेजने से ट्रेन लेट होने की शिकायत भी दर्ज की है।
मैलानी-पलिया पैसेंजर हुई निरस्त
दुर्घटना के कारण मैलानी से पलिया जाने वाली 52278 डाउन पैसेंजर ट्रेन निरस्त कर दी गई, जिससे पलिया की ओर जाने वाले यात्रियों को अत्यधिक परेशानियां हुईं। क्योंकि चुनाव के कारण बसें भी लगभग न के बराबर चल रही हैं।