सामने आए होमगार्ड को उठाकर पटका, घायल
एसपी ने माना फरार हुआ आरोपी, एसओ ने किया इंकार
जिला जेल से फरार बंदी मोहन कश्यप को अब तक पुलिस खोज भी न पाई कि रविवार की सुबह ईसानगर से ट्रैक्टर चोरी का एक आरोपी हथकड़ी से हाथ निकालकर भाग निकला। एक होमगार्ड ने उसे दबोचने की कोशिश की। लेकिन उसने होमगार्ड को पटक कर घायल कर दिया और फरार हो गया। यह सब थाने में ही हुआ, पर पुलिस हरकत में न आ पाई।
शनिवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि लखनऊ से चोरी हुआ ट्रैक्टर गांव सिंगावर त्रिकोहिला निवासी एक व्यक्ति के घर पर खड़ा है। सूचना पर पहुंचे दरोगा उग्रसेन सिंह ने घर पर छापा मारा और ट्रैक्टर बरामद कर सीतापुर जिले के एक शातिर अपराधी को दबोच लिया। जिसके घर से ट्रैक्टर बरामद हुआ, आरोपी उसका रिश्तेदार है। पुलिस रात करीब नौ बजे ट्रैक्टर और आरोपी युवक को थाने लाई और दफ्तर के पास हथकड़ी लगाकर बैठा दिया। रविवार की तड़के करीब 4.30 बजे किसी तरह से आरोपी ने हथकड़ी से अपना हाथ निकाल लिया और भागने लगा। यह देख पहरे पर मौजूद गांव खमरिया कॉलेजपुरवा निवासी होमगार्ड अजय कुमार ने उसे थाने के गेट पर दबोच लिया। इस पर आरोपी ने होमगार्ड को उठाकर पटक दिया और उसकी पिटाई कर भाग निकला। करीब 15 मिनट तक मारपीट हुई, लेकिन थाने स्टॉफ बचाव में न आ पाया। होमगार्ड के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। होमगार्ड अजय कुमार ने बताया कि उसके एक हाथ में रायफल थी, जिसकी वजह से वह कमजोर पड़ गया। फिर उसने आरोपी को पकड़ने का पूरा प्रयास किया। आरोपी के भागने के बाद थाने में हड़कंप मच गया। पुलिस अब अपने बचाव की कहनी गढ़ रही है। एसओ शिवानंद यादव का कहना है कि दरोगा उग्रसेन सिंह तीन वारंटियों को पकड़कर लाए थे। वारंटियों ने भागने का प्रयास किया था, लेकिन होमगार्ड ने तीनों को दबोच लिया।
अपने बयानों में ही फंसते जा रहे एसओ
लखीमपुर खीरी। फरार आरोपी के मामले में एसओ शिवानंद यादव का कहना है कि दरोगा ने सिर्फ तीन वारंटी पकड़े थे, यदि एसओ की इस बात को मानें तो सवाल यह उठता है कि तीन वारंटियों को एक होमगार्ड ने कैसे रोक लिया, इसमें से एक-दो तो फरार हो ही सकते थे? इन वारंटियों को हवालात के बाहर क्यों रखा गया? गांव से थाना परिसर में लाकर खड़ा किया ट्रैक्टर किसका है और उसे पुलिस क्यों लाई? ऐसे कई सवाल हैं जिनका एसओ खुद जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उधर होमगार्ड अजय कुमार का कहना है कि दरोगा ट्रैक्टर के साथ एक आरोपी को पकड़कर लाए थे, वहीं आरोपी हथकड़ी से हाथ निकालकर भागा है।
आरोपी पुलिस अभिरक्षा से थाने से फरार हुआ है। पकड़कर लाने के बाद पुलिस ने उसे अभिलेखों में दाखिल नहीं किया था। उसका नाम-पता पुलिस के पास है, जिसकी तलाश की जा रही है। यह पुलिस की बड़ी लापरवाही है। जांच कराकर दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कुमार झा, एसपी