24 घंटे में तीन गांवों के चार घरों में पड़ा डाका
सतर्क होती पुलिस तो टल सकती थी घटना
24 घंटे में तीन गांवों के चार घरों में हुई डकैती की घटनाओं से थाना फूलबेहड़ क्षेत्र के लोग कांप उठे हैं, लेकिन इसका असर फूलबेहड़ पुलिस पर पड़ता नजर नहीं आ रहा है। पुलिस, शनिवार को पूजा गांव में हुई डकैती के बाद रविवार की रात दो गांवों के तीन घरों में हुई डकैती की घटना को भी हजम करने के प्रयास में जुट गई है। शायद यही वजह है कि पुलिस चारों वारदातों की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
22 अक्तूबर की रात चोरों ने पूजा गांव निवासी रामविलास के घर पर धावा बोला था। बदमाश यहां से 35 हजार की नकदी समेत करीब ढाई लाख रुपये के जेवर लूट ले गए थे। इस वारदात को थाना फूलबेहड़ पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया और न ही क्षेत्र में गश्त तेज की। इतना ही नहीं पुलिस ने घटना को छिपाने के लिए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। घटना को छुपाना और सतर्क न होना पुलिस को महंगा साबित हो गया। बदमाशों ने रविवार की रात गांव दाउदपुर के एक और मुड़िया खुर्द के दो घरों में जमकर लूटपाट की। चौथे घर में लूटपाट करते समय पुलिस को सूचना मिल गई थी। यदि पुलिस बदमाशों को लेकर पहले से सतर्क होती और समय से मौके पर पहुंच जाती तो शायद बदमाश भागने में सफल नहीं हो पाते और पकड़े जाते। 24 घंटे के भीतर ताबड़तोड़ तीन गांवों के चार घरों में डकैती और एक घर में डकैती का प्रयास होने से फूलबेहड़ क्षेत्र के लोग थर्रा उठे हैं।
एसओ झूठ बोल रहे या पीड़ित
एसओ फूलबेहड़ आनंद कुमार शाही का कहना है कि बदमाश दाउदपुर में रखी एक छोटी सी दुकान से थोड़ा बहुत सामान लूट ले गए हैं। बदमाश मुड़िया खुर्द में गए थे, लेकिन इसी बीच पुलिस पहुंच गई थी, इसलिए बदमाश घटना को अंजाम नहीं दे सके और भाग निकले, जबकि गांव मुड़िया खुर्द निवासी रामचंद्र और छोटेलाल ने डकैती पड़ने का दावा किया है। ग्रामीण भी दोनों घरों में डकैती होने का दावा कर रहे हैं। एसओ ने बताया कि अब तक मामले की तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।