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ठगी के मामले में तीन लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज

Mon, 28 Dec 2015 10:15 PM IST
धौरहरा।
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रविवार को ईसानगर थाना क्षेत्र में पकडे़ गए केरल के पांच लोगों के मामले में पुलिस ने तीन स्थानीय लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है। ठग गिरोह के तीन सदस्यों ने चमत्कारिक चीजें देने के नाम पर ठगी के लिए केरल के लोगों को झांसा देकर बुलाया था। इससे पहले भी एक बार इन्हे बुला कर यह लोग पांच हजार रुपये ठग चुके थे।
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इस बार एक लाख रुपये ठगने की तैयारी थी, लेकिन समय पर मुखबिर से सूचना पाकर पुलिस ने इनके इरादों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान भेजा है।
चमत्कारिक चीजों को बेचने के नाम पर लगातार हो रही वारदातों को लेकर सीओ मनोज यादव की सक्रियता रंग लाई। ईसानगर थाने में सीओ ने केरल निवासी लतीफ, बशीर, मोहम्मद अली, किशोर और जोमोन त्रिकुट्टम से पूछताछ की। शुरुआत में लोगों ने पुलिस को झांसा देकर बचने की कोशिशें भी की। देररात तक चली पूछताछ में इन लोगों ने खुलकर राज उगले। इन लोगों ने बताया कि वह प्रतापगढ के सोनू सिंह और धौरहरा के शेखनपुरवा निवासी बगडू और अनवर के संपर्क में आए थे।
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संपर्क की वजह धार्मिक थी, जो धीरे-धीरे व्यावसायिक हो गई। बगडू और अनवर ने उन्हे प्राचीन सिक्के और ऐसी ही चमत्कारिक चीजें होने की बात बताई थी। विदेशों में इनकी भारी कीमत मिलने का अनुमान है, इसलिए खरीदने आए थे। कुछ समय पहले बगडू और अनवर ने चीजे दिखाने के नाम पर पांच हजार रुपये ले लिए थे, लेकिन चीजें नहीं दिखाई थीं। रविवार को दूसरी बार धौरहरा के टेंगनहा गांव मे मासूम के घर उन्हे सिक्के दिखाए गए। इन्हें एक लाख में खरीदने की बात तय थी।
कोतवाल से ही भिड़ गए दबंग
धौरहरा। लालच देकर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों ने दबंगई से ठगी का प्रयास किया। दबंग मौके पर पहुंचे कोतवाल से भी भिड़ गए।
कस्बा धौरहरा के रामबट्टी मैदान में सोमवार को दोपहर कई लग्जरी गाड़ियां और आजाद हिंद सरकार की बड़ी होर्डिंग लगी डीसीएम पहुंची। इसके लिए क्षेत्र मे एक दिन पहले ही गाड़ियों से लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार किया गया था। तो भीड़ लगते देर नहीं लगी। भाषणबाजी हुई जिसका मुद्दा था नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्थापित की गई आजाद हिंद सरकार और उनकी मुद्रा।
भाषणबाजी के दौरान रिजर्व बैंक को ब्रिटेन और अमेरिका का बताकर बरगलाने का प्रयास हुआ। इसके साथ ही स्टांप पेपर की फोटो कॉपियों पर प्रोफार्मा भरवाकर लोगों से पासबुक की कापी के साथ जमा कराया। सदस्यता शुल्क के नाम पर प्रत्येक से रुपये की वसूली का खेल शुरू हुआ।
 कहीं से खबर पाकर कोतवाल रंजीत सिंह यादव मौके पर पहुंचे और लोगों से पैसा ना देने की बात कही। तो काफिले के सौ से अधिक लोगों ने उन्हें ही घेर लिया और नारेबाजी के साथ अभद्रता पर उतर आए। जैसे-तैसे कोतवाल ने मामले को संभाला, तो ठगों काकाफिला अपना तामझाम कर रफूचक्कर हो गया।
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