कोतवाली क्षेत्र के गांव सरसवां निवासी चाय दुकानदार इंद्रेश निगम की 28 अप्रैल को हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जिससे आहत उसकी पत्नी ने मंगलवार की देररात करीब तीन बजे केरोसिन छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर दिया। गहरी नींद में सो रहे परिवार वालों को इसकी जानकारी मिली, तब तक महिला दम तोड़ चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचानामा भरकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया है।
28 अप्रैल 2015 को चाय दुकान चलाने वाले इंद्रेश निगम की र्हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से उसकर खोखे की दुकान में ही मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच करना मुनासिब नहीं समझा और न ही तहसील प्रशासन की ओर से कोई सहायता दी गई। पति की मौत के बाद से दो बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी गीता पर आ गई, जिससे वह डिप्रेशन में चली गई। परिवार वालों के मुताबिक पति की मौत के बाद से गीता ने खाना-पीना छोड़ दिया। यहां तक कि रात में पति की याद में चीखने लगती थी। मंगलवार की रात को सभी लोग सोए हुए थे। करीब तीन बजे गीता ने एक कमरे में केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई।
10 साल पहले हुई थी
सरसवां गांव निवासी इंद्रेश की शादी 10 साल पहले अभयपुर निवासी गीता से हुई थी। दोनों की जीवन हंसी-खुशी गुजर रहा था। इंद्रेश ने परिवार के पालन-पोषण के लिए सरसवां चौैराहे पर खोखे में चाय की दुकान खोली थी।
अनाथ हुए दो बच्चे
एक सप्ताह में इंद्रेश औैर गीता की मौत से परिवार वाले सद्मे में हैं। दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया छिन गया है। मृतक दंपति अपने पीछे आठ वर्र्षीय पुत्र वंश निगम और पांच वर्षीय पुत्री खुशी को छोड़ गए हैैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।