24 घंटे में 140.2 एमएम वर्षा रिकार्ड, बोझवा में गिरे दो छप्परनुमा घर
पानी भरे होने से बलदेव वैदिक इंटर कालेज दो दिनों के लिए बंद
भारी बारिश से पूरा इलाका जलमग्न हो गया। शहर से लेकर गांवों तक सड़कों पर पानी ही पानी था। जिससे लोगों को कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। मोहल्ला टेहरा शहरी तथा रेलवे कालोनी में दो से तीन फुट तक पानी भर गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक 140.2 एमएम वर्षा रिकार्ड गई है। उधर, बारिश में बोझवा में दो छप्परनुमा घर भी गिर गए।
शनिवार की रात से शुरू हुई बारिश से पलिया के मेलागेट के पास स्टेशन रोड, इंडियन एकेडमी से शहर को आने वाली रोड, पांडेबाबा मंदिर से मेलारोड, इकराम नगर आदि में जलभराव हो गया। वहीं मोहल्ला टेहरा शहरी में नाले से पानी का निकास बंद होने के कारण पूरे मोहल्ले में पानी भर गया है। बलदेव वैदिक इंटर कालेज के खेल मैदान, पत्रकार सुधाकर नाथ मिश्रा के घर के सामने के साथ ही मोहल्ले के तमाम घरों में पानी भरा हुआ है। पानी भरा होने के चलते बलदेव वैदिक इंटर कालेज को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। प्रबंधक राजेश भारती ने बताया कि इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को दे दी गई है। पालिका सदस्यपति सुरेश चौधरी ने जेसीबी से पानी निकास के लिए रास्ता बनावाया है, लेकिन इससे पानी धीमी गति से निकल रहा है और इससे जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रेलवे कालोनी में भी पानी भरा हुआ है। यहां के निवासियों का आरोप है कि माल गोदाम रोड बनने के बाद एक तरफ नाले का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे पानी यहां भरता है। कई गांवों के भी यही हालात हैं। उधर बोझवा निवासी श्रवण और ओमप्रकाश के छप्परनुमा घर भारी बारिश में गिर गए हैं। इसमें किसी को कोई चोट नहीं आई है।
झमाझम बरसे बदरा, तर हुई धरती, जलभराव
गोला गोकर्णनाथ। सावन माह में हो रही लगातार वर्षा से धरती तर हो गई है। जहां पिछले दो सालों से वर्षा न होने से आमजन व्याकुल हो उठा है। इस साल हुई अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आयी। वहीं, आमजन भी राहत महसूस कर रहा है। साथ ही नगर और क्षेत्र के निचले स्थानों पर जलभराव होने से लोग परेशान हैं।
कई दिनों से हो रही लगातार वर्षा से नगर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। वहीं, अलीगंज रोड स्थित श्री दुर्गा मंदिर परिसर में घुटने तक जलभराव होने से भक्तों को परेशानी हुई है। जलस्तर बढ़ने से पानी मंदिर परिसर स्थित हनुमान मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर तक पहुंच गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पूरा मंदिर परिसर तालाब में तब्दील हो गया। वहीं इसी तरह का नजारा लाल्हापुर, पुनर्भूग्रंट, गुप्ता कालोनी, सेंटर वेयर हाउस जाने वाले मार्गों का है। लोगों का कहना है कि अलीगंज रोड के दाहिनी तरफ एक बड़ा तालाब था, जहां क्षेत्र सारा पानी जमा होता था, तालाब को पाटकर प्लाटिंग कर दी गई है और पुलिया को भी पाट दिया गया है जिससे जल निकासी न होने से महीनों जलभराव रहता है।
तेज बारिश से पेड़ गिरा
बाकेगंज। कस्बा सहित इलाके में तीन दिनों से लगातार हो रही वर्षा से लोगों का हाल-बेहाल है। वहीं तेज वर्षा से गोला-बाकेगंज रोड किनारे लगा विशालकाय पेड़ गिर गया। सड़क पर गिरे पेड़ से मार्ग बाधित होता इससे पहले ही ग्रामीण पेड़ की लकड़ी काट ले गए। लागातार बारिश से किसानों के खेतों और चरागाहों में जलभराव के चलते ग्रामीणों के सामने उनके पालतू पशुओं के चारे की दिक्कत पैदा हो गई है। इसको लेकर पशुपालक परेशान है।
बारिश का कहर, घरों में घुसा पानी
मैलानी। रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने यहां त्राहि-त्राहि मचा दी। रात साढ़े नौ बजे रिमझिम बारिश की शुरुआत हुई। उसके बाद पौने दस बजे से खूब जबरदस्त बारिश शुरू हुई। फिर पूरी रात रुक-रुककर और तेज बारिश होती रही। सुबह नौ बजे बारिश का सिलसिला रुका। रविवार को दिन में भी बारिश हुई। रात भर हुई धमाकेदार बारिश से यहां निचले इलाकों में स्थित घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को परेशानियां हुईं।
नाले चोक होने से घुसा घरों में पानी
मैलानी। बारिश का पानी घरों में घुस जाने की वजह बड़े नालों का चोक होना बताया जा रहा है। चमन चौराहे के पास पुलिया चोक होने की वजह से उस इलाके में घरों तक में पानी घुस गया। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के सफाइकर्मी नाले-नालियों की तलीझाड़ सफाई नहीं करते हैं, इसी से नाले-नालियां चोक हो गए हैं और बरसात का पानी घरों में घुसने लगा है।