मितौली की घटना, चौथे नंबर के बेटे ने धारदार हथियार से किया हमला
भाई की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
दस रुपये को लेकर हुए विवाद में बेटे ने सोमवार तड़के 70 साल के बुजुर्ग पिता की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। एसओ रामकुमार यादव ने बताया कि मृतक के बड़े बेटे आनंद की तहरीर पर आरोपी बेटे रामचंद्र के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कस्बा कस्ता निवासी सीताराम के पांच बेटों में से चौथे नंबर का रामचंद्र आपराधिक छवि का है। रविवार शाम को उसने पिता सीताराम से दस रुपए मांगे। पिता ने उलाहना देते हुए देने से मना कर दिया। इस पर वह बिफर पड़ा। दोनों में विवाद होने लगा। बात अधिक बढ़ने पर परिवार के अन्य लोगों ने रामचंद्र को समझा बुझाकर शांत करा दिया। रात में सीताराम और उसका बेटा रामचंद्र घर के बाहर सोए हुए थे। सोमवार तड़के करीब तीन बजे सीताराम लघुशंका करने के लिए उठे। इसी बीच रामचंद्र भी उठ गया और पास में रखे धारदार हथियार से अपने पिता के चेहरे पर कई ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए और भाग निकला। सीताराम मौके पर ही गिर गए। शोर होने पर परिवार और आसपास के लोग जाग गए। जब लोग मौके पर पहुंचे तो देखा सीताराम खून से लथपथ जमीन पर तड़प रहे हैं। आसपास के लोगों के सहयोग से परिवार वाले सीताराम को आनन-फानन में सीएचसी लाए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आपराधिक किस्म का है आरोपी रामचंद्र
मितौली। पिता का खून करने का आरोपी रामचंद्र की आपराधिक किस्म का है। इससे पहले भी उसने अपनी पत्नी के ऊपर प्राणघातक हमला किया था, जिसमें वह कई साल तक जेल में रहा। दो साल पहले ही वह जेल से छूटकर आया था। चोरी के आरोपों में भी जेल जा चुका है। पति का चाल-चलन ठीक न होने के कारण उसकी पत्नी आठ वर्षीय पुत्री के साथ अपने मायके नन्ही कठघरा थाना महोली (सीतापुर) में रह रही है।