अल्पावास में 10 मार्च को लटकी मिली थी किशोरी
सलेमपुर कोन स्थित महिला अल्पावास में किशोरी की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में मृतका की मां ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करते हुए वादिनी ने अल्पावास की अधीक्षिका सहित चार लोगों को नामजद किया है। कोर्ट ने इस मामले में कोतवाली पुलिस से आख्या तलब की है।
समाजसेवी संस्था के बैनर तले सलेमपुर कोन में संचालित अल्पावास गृह में एक संवासिनी की लाश 10 मार्च 2016 की सुबह फांसी पर लटकती हुई मिली थी। इस मामले में खासा हंगामा होने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पीएम रिपोर्ट में किशोरी की मौत का कारण श्वांस-अवरोध (हैंगिंग) बताया गया था। पुलिस इसी थ्योरी पर इसे खुदकुशी बता रही है। फूलबेहड़ के एक गांव निवासी वादिनी ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी देते हुए आरोप लगाया है कि अल्पावास गृह में उसकी बेटी पर दबाव डाला जाता था। हम लोगों से भी मुलाकात कराने के नाम पर रिश्वत मांगी जाती थी। इन्हीं हालात के बीच उसकी बेटी की मौत हुई है। इस अर्जी में अल्पावास गृह की अधीक्षिका सहित महिला कांस्टेबल, विवेचक एसआई मंजेश यादव तथा अल्पावास गृह के चपरासी को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई गई है। सीजेएम डॉ दीनानाथ ने सुनवाई के बाद कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को नियत की है।