जापानी इंसेफ्लाइटिस और एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) जैसी गंभीर बीमारी मासूमों के लिए जानलेवा बनी हुई है, जिसकी चपेट में आकर मासूम असमय काल के गाल में समा रहे हैं। शनिवार की दोपहर को तेज बुखार से पीड़ित फरधान क्षेत्र के गांव परसेहरा बुजुर्ग के एक ढाई वर्षीय मासूम की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि हैदराबाद क्षेत्र के गांव भल्लिया बुजुर्ग और मितौली के गांव पकरिया के रहने वाले बुखार से पीड़ित एक-एक बच्चे को भर्ती कराया गया है।
फरधान क्षेत्र के गांव परसेहरा बुजुर्ग निवासी जमशेद अली के ढाई वर्षीय पुत्र आदिल को बुखार से पीड़ित होने पर शुक्रवार की रात को जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी बीमारी का पता लगाने के लिए पैथालोजी टेस्ट नहीं कराए जा सके। इलाज करने वाले डॉक्टर बच्चे में पायरक्सिया के लक्षण मानते हुए इलाज कर रहे थे, लेकिन शनिवार की दोपहर करीब सवा 12 बजे आदिल ने दम तोड़ दिया। लिहाजा इस केस में बच्चे में जेई या एईएस के लक्षणों की पुष्टि नहीं हो पाई। इसके अलावा शनिवार को हैदराबाद क्षेत्र के गांव भल्लिया बुजुर्ग निवासी रफीक के तीन वर्षीय पुत्र अमजद अली को तेज बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया, जिसमें डॉक्टरों ने पायरक्सिया के लक्षण बताए हैं तो मितौली क्षेत्र के गांव पकरिया निवासी अखिलेश के तीन वर्षीय पुत्र प्रभात को तेज बुखार के साथ झटके आ रहे हैैं। परिवार वालों ने बच्चे को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।