पसगवां सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक का मामला
31 दिसंबर को गायब होने के बाद चार जनवरी को पुलिस ने किया था बरामद
पांच जनवरी की शाम को लखनऊ से फिर हुए गायब
करीब चार साल पहले लिपिक महेंद्र शर्मा हत्याकांड में चर्चित रही पसगवां सीएचसी एक बार फिर सुर्खियों में है। अब चिकित्सा अधीक्षक डॉ गौरव खन्ना गायब हो गए हैं। लखनऊ निवासी डॉक्टर के गायब होने की सूचना उनकी पत्नी तथा भाई ने सीएमओ डॉ जावीद अहमद को दी है। लखनऊ के गोमतीनगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज है।
बता दें कि डॉ गौरव खन्ना 30 दिसंबर 2016 को लखनऊ में राज्य सूचना आयुक्त कार्यालय में पेशी पर गए थे। 31 दिसंबर को लखनऊ स्थित आवास से पसगवां सीएचसी के लिए निकले थे, लेकिन वह पसगवां सीएचसी नहीं पहुंचे। इसकी जानकारी होने पर पत्नी स्मिता खन्ना ने गोमतीनगर थाने में पति के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला डॉक्टर के गायब होने के चलते पुलिस ने भी आनन-फानन में जांच शुरू कर दी और डॉ खन्ना के मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया। इसके बाद लोकेशन के आधार पर पुलिस ने चार जनवरी की रात को सीतापुर नगर में सुक्खुमल रोड स्थित एक लॉज से डॉ खन्ना को खोज निकाला। पांच जनवरी को डॉक्टर के सकुशल घर पहुंचने पर परिवार वालों ने राहत की सांस ली। उनकी पत्नी ने रात को ही सीएचसी के एक कर्मचारी को उनके मिलने की सूचना दी। इधर, पांच जनवरी की शाम को डॉक्टर शेविंग कराने के लिए अपनी कार से निकले, जिसके बाद घर नहीं लौटे। छह जनवरी को डॉक्टर की पत्नी ने सीएमओ खीरी को इस संबंध में सूचना दी। भाई अमित कुमार खन्ना ने भी मेल से सीएमओ को सूचना दी, जिसमें उनके 30 दिसंबर से लापता होने तथा गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की जानकारी दी गई। उधर, डॉक्टर के लापता होने की जानकारी होने पर कोतवाल पसगवां आरआर यादव ने सीएचसी जाकर पूछताछ की है। कर्मचारी ने कोतवाल को डॉ खन्ना की पत्नी का रिकॉर्डेड फोन सुनाया, जिसमें पत्नी ने सीतापुर में पति के मिलने की जानकारी दी थी।
दोबारा गायब होने पर डॉक्टर संदेह के घेरे में
डॉक्टर को पुलिस ने एक बार खोज निकाला, जिसके कारणों की पुलिस जांच कर ही रही थी। दोबारा डॉक्टर के गायब होने से परिवार वालों के साथ ही डॉक्टर स्वयं भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। क्योंकि अब मामला गायब होने के बजाय डॉक्टर के फरार होने का बनता जा रहा है।
यह था महेंद्र शर्मा का मामला
पसगवां सीएचसी में वर्ष 2012 में तैनात रहे लिपिक महेंद्र शर्मा के गायब होने के कई दिन बाद सरकारी आवास में शव मिला था। मामला एनआरएचएम से जुड़ा होने के कारण इस मामले में तत्कालीन सीएमओ समेत पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई ने की थी।
सीएमओ डॉ जावीद अहमद ने बताया कि पत्नी ने डॉ गौरव खन्ना के गायब होने की सूचना दी है। मामले की जांच पुलिस कर रही है। उच्चाधिकारियों को सूचना भेजी गई है।