चार साल पहले मिट्टी पटाई का पैसा मजदूरों को न देने के आरोप में जिला पंचायत सदस्य के पति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। मजदूरों ने मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में इस संबंध में एसडीएम से शिकायत की थी। एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
ग्राम पंचायत दुबहा के मजदूर अनार कली, सेवक राम, रामू, छड़ीराम, सुकई, महेश, रामबिलास आदि मजदूरों ने बताया कि दिसंबर 2011 में जिला पंचायत तृतीय सदस्य कुलदीप कौर के पति सुरेंद्र सिंह गामा ने पलिया रोड से गंगाबेहड़ गांव तक मिट्टी पटाई का कार्य करवाया था। इस कार्य के लिए करीब 88 मजदूरों ने 16 दिन कार्य किया था। आरोप है कि गामा ने मजदूरों को पैसा मनरेगा से देने की बात कही थी। कई माह बीत जाने के बाद जब मजदूरों का भुगतान नहीं हुआ तो उन लोगों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की। मामले की जांच में सामने आया कि मिट्टी पटाई का कार्य जिला पंचायत से कराया गया था। बताते हैं कि इसका भुगतान एक लाख 40 हजार रुपये का करवा लिया गया, लेकिन मजदूरों को पैसा नहीं दिया गया। आरोप सिद्ध होने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। सभी मजदूर तहसील दिवस पहुंचे और हंगामा करते हुए एसडीएम पीके सिंह को शिकायती पत्र सौंपा। एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट तो दर्ज नहीं की, लेकिन आरोपी गामा को हिरासत में ले लिया। एसओ ने बताया कि गामा से पूछताछ के बाद शीघ्र ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उधर गामा ने सारे आरोपों को निराधार बताया है।