बांकेगंज सीएचसी में इस सप्ताह पहले भी हो चुकी है मौत
गुस्साई महिलाओं ने नवजात के शव को लेकर किया प्रदर्शन
सीएचसी में प्रसव के दौरान एक नवजात ने फिर दम तोड़ दिया। सीएचसी में एक सप्ताह के अंदर प्रसव के दौरान यह दूसरी मौत है। गुस्साए परिवारीजनों ने स्टाफ नर्स पर प्रसूता के इलाज और देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
निकटवर्ती गांव ढाका निवासी कांति देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बांकेगंज सीएचसी लाया गया। युवती के पति विनोद कुमार और जेठ हरदुआ प्रधान रामकिशुन ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ज्योति ने एक हजार रुपये भी लिए और बाहर से दवा मंगाकर इंजेक्शन लगाया। इसके बाद डिलीवरी रूम के बगल में बने कमरे में आराम करने चली गईं। इलाज और देखभाल के अभाव में शनिवार सवेरे छह बजे के लगभग कांति ने बच्चा जन्मा, जिसे मृत घोषित कर दिया गया। इस पर गुस्साए परिवार वालों संग ढाका प्रधान रामकिशुन, गीता देवी, सावित्री, दुखनी, सीता, लज्जावती, लौंगश्री, शीतला देवी, सुरेश, लालाराम, विनोद कुमार, रमेश, सुनील आदि ने सीएचसी कंपाउंड में हंगामा किया। उत्तेजित महिलाओं ने मृत नवजात गोद में लेकर इलाज में लापरवाही बरतने की आरोपी स्टाफ नर्स ज्योति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। उधर स्टाफ नर्स ज्योति ने लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उधर इस संबंध में डॉक्टर सामंतराव सामी का कहना है कि स्टाफ नर्स ने नवजात चेकअप की कॉल सुबह सात बजे भेजी। जहां, चेकअप के बाद बच्चा मृत मिला।
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एक सप्ताह पहले भी नवजात की हो चुकी मौत
22 अप्रैल को निकटवर्ती गांव कुकरा से आई रोशनी ने भी मृत बच्चा जन्मा था। इससे गुस्साए परिवारीजनों ने स्टाफ नर्स पर इलाज में लापरवाही और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। हालांकि महकमे ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।