तनाव के चलते चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
कमिश्नर, आईजी, डीआईजी ने कैंप कर रखी पैनी नजर
डीएम, एसपी ने दिन भर की शहर में पेट्रोलिंग
दो रातों और एक दिन के कर्फ्यू के बाद शनिवार को शहर की जिंदगी पटरी पर लौट आई। कर्फ्यू में ढील के दौरान हालांकि शहर में कड़ी चौकसी रही। चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस फोर्स तैनात रहा। मंडलायुक्त भुवनेश कुमार, आईजी ए सतीश गणेश, डीआईजी रेंज प्रवीण कुमार अभी तक शहर में कैंप कर रहे हैं। डीएम आकाशदीप और एसपी मनोज कुमार झा लगातार भ्रमण पर रहे।
शनिवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई, जिसको बढ़ाकर बाद में रात में नौ बजे तक कर दिया गया। हालांकि शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और यूपी 100 की गाड़ियां सायरन बजाती हुई पेट्रोलिंग करती रहीं। कर्फ्यू हटने के बाद दिन भर बाजार खुला रहा। होली को लेकर बाजार में खासी भीड़ रही। लोगों ने जमकर खरीदारी की। हालांकि स्कूल कॉलेज शनिवार को बंद रहे। प्रयोगात्मक परीक्षाएं तो हुईं लेकिन लिखित परीक्षाएं स्थगित कर आगे बढ़ा दी गईं।
मालूम हो कि धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गुरुवार को शहर में बवाल हो गया था। आगजनी और गोलीबारी के बाद स्थिति पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा था। बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे से लगा कर्फ्यू शनिवार सुबह छह बजे तक जारी रहा। इस बीच शुक्रवार की शाम तीन बजे से छह बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी।
शुक्रवार को दिनभर इंटरनेट सेवाएं ठप रहने के बावजूद कर्फ्यू के दौरान और कर्फ्यू खुलने के बाद शहर में अफवाहों का बाजार गर्म रहा। इसके चलते लोगों में भ्रम और संशय की स्थिति बनी रही। पुलिस फोर्स गलत सूचनाओं पर इधर उधर भागती रही। शनिवार दोपहर अफवाहों के चलते रानीगंज का पूरा बाजार बंद हो गई। बाद में पुलिस ने मौके पर जाकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए दुकानें खोलने को कहा।
शाम छह बजे फिर से कर्फ्यू लगने की आशंका से लोगों ने पूरे दिन जल्दी-जल्दी काम निपटाया।
शनिवार को शहर की सभी बैंकों और सरकारी कार्यालयों में सुचारु रूप से कामकाज हुआ। कर्फ्यू के डर से शहर के बाहर से आने वाले लोगों की संख्या कम रही। जिले भर में तनावपूर्ण शांति बनी रही। जिला प्रशासन पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है।