मोबाइल पर रिंग जाती रही पर लोकेशन तक नहीं जान पाई पुलिस
सातवें दिन लोकेशन की मैपिंग से परिवार वालों में गुस्सा
19 दिन से लापता वकील अजेंद्र सिंह का सुराग लगा पाने में जिले की पुलिस नाकाम है। परिवार वालों ने पुलिस पर ढीलासाजी का आरोप लगाते हुए आईजी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। साथ ही मामले में चार आरोपियों पर संदेह जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
गोला गोकर्णनाथ के मोहल्ला लक्ष्मीनगर कॉलोनी निवासी अरुण कुमार सिंह ने बताया है कि उनके भाई अजेंद्र सिंह जिला सत्र न्यायालय में अधिवक्ता है। 26 अप्रैल की सुबह साढ़े नौ बजे घर पर कचहरी के काम से लखनऊ जाने की बात कहकर निकले थे। उसी दिन 11 बजे से उनके फोन पर घंटी जाने के बाद भी नहीं उठा। लगातार फोन न उठने और भाई के लापता हो जाने पर उन्होंने मामले की 27 अप्रैल को गोला कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस ने लापता वकील के फोन को सर्विलांस पर लगाने की बात कही, लेकिन तीन दिन तक फोन पर घंटी जाने के बाद भी पुलिस लोकेशन ट्रैस नहीं कर सकी। उधर पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछतांछ भी की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से पूछतांछ में कोई तेजी नहीं दिखाया और छोड़ दिया, जबकि उन लोगों को यकीन है कि उन्हीं आरोपियों से हकीकत सामने आ सकती है। वकील के भाई अरुण कुमार का कहना है कि घटना के सातवें दिन दो मई को पुलिस ने मोबाइल की मैपिंग करने की बात कही। आरोप यह भी है कि जब फोन चल रहा था तब जो लोकेशन पुलिस ने बताई वह मैपिंग के बाद बदल गई। इससे परिवार वालों में पुलिस कार्रवाई को लेकर काफी गुस्सा है। वहीं उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर संदेह जताते हुए चार लोगों पर पर ही संदेह जताते हुए आईजी जोन को पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने खीरी पुलिस पर ढीलासाजी करने और किसी अनहोनी की आशंका से परिवार वालों के डरे सहमे होने की जानकारी दी। साथ ही मामले में खीरी पुलिस के बजाय एसटीएफ अथवा किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की गुहार लगाई है।
वकील को तलाश करने पर पुलिस पूरी तत्परता से लगी है। जिन आरोपियों से पूछतांछ की गई, उनसे कोई क्लू नहीं मिल सका था, जिससे उन्होंने छोड़ दिया गया था। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
डॉ एस चन्नपा, एसपी