सकतापुर गांव की महिला प्रधान के पति हैं घायल चंद्रप्रकाश
ट्रॉली की तौल कराने के बाद धर्मकांटा मालिक से हुआ था विवाद
कस्बा स्थित एक धर्मकांटा पर रोड़े से भरी ट्रॉली की तौल कराने के बाद पैसों के लेन-देन को लेकर कांटा मालिक संजीत पटेल और सकतापुर गांव की प्रधान के पति एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश वाजपेयी के भाई चंद्रप्रकाश के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद उन्हें गोली मार दी गई। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। यह देख हमलावर फरार हो गया। आनन-फानन में उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां से उनके परिवारीजन उन्हें लखनऊ ले गए हैं। सूचना पर एसओ मयफोर्स मौके पर पहुंचे। एसपी अखिलेश चौरसिया ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। तनाव को देखते हुए आरोपी के घर पर फोर्स तैनात कर दी गई है। मामले में अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
नरदवलपुरवा निवासी संजीत पटेल का गोला रोड पर मकान है। उसने घर के बाहर ही गिट्टी-मौरंग की दुकान के साथ धर्मकांटा भी लगा रखा है। बताते हैं कि पूर्व पालिकाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश वाजपेयी का नौकर सोमवार की दोपहर तीन बजे रोड़े से भरी ट्रॉली लेकर तौल कराने आया था। तौल कराने के बाद 40 रुपये कम होने पर संजीत के पिता सुरेश पटेल का नौकर से विवाद हो गया। जानकारी पर पूर्व पालिकाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश के छोटे भाई एवं सकतापुर गांव के प्रधान पति चंद्रप्रकाश वजपेयी बाइक से धर्मकांटे पर पहुंचे। साथ ही कार से कुछ और लोग भी आ धमके, जिससे विवाद सुलझने की बजाय बढ़ गया। आरोप है कि प्रधान पति के साथ आए लोगों ने सुरेश पटेल को मारना शुरू कर दिया। इससे गुस्साए संजीत पटेल ने छत पर जाकर 12 बोर की अद्धी से फायर कर दिया, जिससे गोली मकान के बाहर खड़े चंद्रप्रकाश वाजपेयी के कनपटी के पास जा लगी। गोली लगने से वह वहीं गिर गए। पास में खड़े उदयपुर निवासी पिंकू के हाथ में भी छर्रे लगे। इस बीच आरोपी के छत से नीचे उतरने पर लोगों ने उसे गोला रोड पर दौड़ा लिया। खतरा भांप कर आरोपी हवाई फायर कर थाने की ओर भाग निकला। उधर, घायल चंद्रप्रकाश को सीएचसी के बाद लखीमपुर रेफर कर दिया गया। सूचना पर फरधान एसओ रामकुमार यादव मय फोर्स मौके पर पहुंचे। एसपी ने मौके का निरीक्षण कर एसओ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चंद्रपकाश को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया।
अभी तहरीर नहीं मिली हैं। तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। आरोपी को भागते समय हिरासत में ले लिया गया है। विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की छानबीन की जा रही है।
-रामकुमार यादव, एसओ फरधान