बथुआ में खाद्यान्न का गेहूं टैक्टर-ट्रॉली में भरकर ब्लैक में बेचने जा रहे कोटेदार को ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस गेेहूं से भरी ट्रॉली थाने ले आई। नायब तहसीलदार रामनरायन और सप्लाई इंस्पेक्टर ने मामले की जांच की। जांच में कोटेदार को दोषी पाए जाने पर कोटे की दुकान को सस्पेंड कर दिया गया।
ग्राम पंचायत बथुआ में रविवार की सुबह करीब पांच बजे गांव का कोटेदार पति ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं की बोरियां और कुछ खुला गेहूं भरकर लेकर जा रहा था। निबुआ बोझ के पास ग्रामीणों ने गेहूं से भरी ट्रैक्टर- ट्रॉली रोक ली। मौके की नजाकत को समझते हुए ट्रैक्टर चालक ट्रॉली को वहीं पर छोड़कर फरार हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर एसओ संजय यादव ने थाने के दरोगा टीएन मिश्रा को मौके पर भेजा। दरोगा किसी तरह से ट्रॉली को थाने ले आया। मामले की जानकारी एसडीएम लव कुमार को हुई। लवकुमार ने थाने में जांच करने के लिए नायब तहसीलदार रामनरायन और सप्लाई इंस्पेक्टर पीके सुधाकर को भेजा। पीके सुधाकर ने बताया कि गेहूं से भरी ट्रॉली की तौल कराई गई है, जिसका वजन 69.90 क्विंटल है। ट्रॉली में कुछ गेहूं खुला पड़ा था और कुछ गेहूं के बोरे रखे थे। यह बोरे खाद्यान्न विभाग के थे। कोटेदार पति ने भी ब्लैक में गेहूं बेचने के लिए ले जाने की बात को स्वीकार किया। रिपोर्ट मिलने पर एसडीएम ने राशन की दुकान को निलंबित कर दिया है। बथुआ के ग्रामीणों जब्बार, मुश्ताक अली, कलामुद्दीन, रतीराम, लाल मोहम्मद, जहांगीर आदि ने बताया कि प्रत्येक महीने कोटेदार करीब सौ से अधिक कार्ड धारकों को राशन न होने की बात कहकर बैरंग कर देता है। नायब तहसीलदार रामनरायन ने बताया कि इसके पहले भी ग्रामीणों की शिकायत पर कोटे की जांच की गई थी। जांच में कोटेदार दोषी पाया गया था, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।