मामूली बात पर महिला को मरणासन्न करने का मामला
मामूली बात पर महिला को पीट-पीटकर मरणासन्न कर देने के मामले में एडीजे बाबूराम ने तीन हमलावरों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संजय सिंह ने बताया कि सिंगाही थाना क्षेत्र के ग्राम सूरतनगर निवासी राममनोरथ के घर के पास ही राधेश्याम का मकान था। आठ सितंबर 2005 की शाम सात बजे राधेश्याम और उसके लड़के, राममनोरथ के मकान की नींव के नीचे से नाली खोदकर पानी निकालने लगे, जब राममनोरथ और उसकी अनुज वधू सुधारा देवी ने मना किया तो राधेश्याम अपने लड़कों जयप्रकाश, विनोद, और मनोज के साथ वहां पहुंचे और लाठियों से राममनोरथ की अनुज वधू सुधारा देवी को बुरी तरह मार पीटकर बेहोश कर दिया। इसी बीच लायकराम सहित कई गांव वाले आ गए, जिन्होंने बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी मारापीटा। अदालती सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता मनोरथ, एसआई रामबक्श पाल, डॉ. वीएस तोमर, एक्सरे टेक्नीशियन रामराज सिंह, एसआई अशोक कुमार मिश्र और लायकराम की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने सुनवाई के बाद राधेश्याम, जयप्रकाश, विनोद को दोषी पाते हुए पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। अदालती सुनवाई के दौरान ही मनोज की मौत हो गई थी।