ग्रामीणों के साथ पुलिस ने जंगल में की थी घेराबंदी
भीरा थाना क्षेत्र में रड़ा गांव के करीब जंगल के रास्ते तस्करी कर ले जाए जा रहे गोवंशीय पशुओं की सूचना पर पड़रिया तुला के गौरक्षा दल ने दो दर्जन पशुओं को मुक्त कराया है। शारदा नदी की तलहटी से जंगल के रास्ते पशुओं को ले जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर तस्करों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की, लेकिन पशु तस्कर फायरिंग कर फरार हो गए।
निघासन एवं भीरा थाना क्षेत्र को नदी के जरिए जोड़ने वाले रास्ते, पशु तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रहे हैं, लगातार इन रास्तों से आए दिन गोवंशीय पशु ले जाए जाने की कोशिश करते समय पशु तस्करों और गोरक्षा दल के साथ संयुक्त रूप से पुलिस की मुठभेड़ हो रही है। करीब दस दिन में एक बार फिर ऐसे ही एक प्रयास को ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने नाकाम कर पशु मुक्त कराए। सोमवार की रात को पड़रिया तुला के गोरक्षा दल को सूचना मिली कि रड़ा जंगल से होकर कई दर्जन गोवंशीय पशु तस्करी कर जाने वाले हैं। ग्रामीणों के साथ गोरक्षा दल के सदस्यों ने घेराबंदी करने की योजना बनाई, साथ ही पुलिस को सूचना दी। सूचना पर बिजुआ चौकी इंचार्ज अजय शर्मा, कांस्टेबल आलेंद्र कुमार और जयशंकर मिश्रा ग्रामीणों के साथ जंगल में पहुंचे। सोमवार रात करीब एक बजे गोवंशीय पशुओं का लाते हुए पशु तस्कर नजर आए, लेकिन इस बीच भनक मिलते ही पशु तस्कर कोहरे में फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से करीब 24 पशुओं को अपने कब्जे में लेकर ग्रामीणों की सुपुर्दगी में दे दिया। बताते हैं कि नदी पार के कई गांव इस पशु तस्करी में लगे हुए हैं।