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एंबुलेंस में मिले सागौन के फ्रेम

Fri, 26 Aug 2016 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिंगाही।
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wood - फोटो : amar ujala
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- चालक समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज 
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एंबुलेंस में सागौन का भारी मात्रा में फ्रेम मिलने के मामले में पुलिस ने चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने एंबुलेंस को कब्जे में लिया है। हिरासत में लिया गया एंबुलेंस का दूसरा चालक कहां गया। इस बात का जवाब पुलिस के पास नहीं हैं। एसओ डीके यादव ने बताया कि गुरुवार की शाम खैरीगढ़ से रात करीब साढ़े नौ बजे तिकुनियां पीएचसी की एक एंबुलेंस आ रही थी। वन दरोगा रामकैलाश ने मुखबिर की सूचना पर अपनी टीम के साथ एंबुलेंस का पीछा किया। सूचना पर थाने के दरोगा शिवकुमार और वन विभाग की टीम ने जाकर उसे सिंगहा मोड़ के पास एंबुलेंस में बैठे चालक समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया। एंबुलेंस में भारी मात्रा में सागौन की फ्रेम बरामद हुए। वन विभाग के अनुसार फ्रेम की कीमत एक लाख से अधिक है। करीब 16 घंटे बाद पुलिस ने वन विभाग के दरोगा रामकैलाश की तहरीर पर पुलिस ने लखीमपुर के मोहल्ला नई बस्ती राजापुर निवासी एंबुलेंस चालक प्रमोद तथा कंधई, गजराज और कल्लू के खिलाफ वन अधिनियम की धारा में रिपोर्ट दर्ज करते हुए प्रमोद का चालान भेजा है। 

बिना रजिस्ट्रेशन दो साल से तिकुनियां पीएचसी में चल रही है एंबुलेंस 
बार्डर एरिया के अंतर्गत एसएसबी जवानों ने तिकुनियां पीएचसी को यह एंबुलेंस मरीजों को लाने और ले जाने के लिए दिया था। दो साल बीत जाने के बाद भी अब तक इस एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है।
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किसके आदेश पर खैरीगढ़ पहुंची एंबुलेंस 
मजे की बात तो यह है कि बिना डाक्टर की अनुमति के यह एंबुलेंस मरीजों को लाने और ले जाने का कार्य नहीं कर सकती। आखिरकार यह एंबुलेंस किसके आदेश पर खैरीगढ़ पहुंची। इस बात का जवाब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के पास नहीं है। 
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कहां गया हिरासत में लिया गया दूसरा व्यक्ति 
जब पुलिस और वन विभाग की टीम ने एंबुलेंस को पकड़ा था। उस समय थाने पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भजन कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रमोद के साथ एक और एंबुलेंस में बैठा व्यक्ति पकड़ा गया था। आखिरकार वह व्यक्ति कहां गया। इस बात का जवाब किसी के पास नहीं है। 

यह सच है कि दो व्यक्ति हिरासत में लिए गए थे, लेकिन दूसरा व्यक्ति एंबुलेंस के साथ में नहीं था। इसलिए छोड़ दिया गया है। 
- डीके यादव, एसओ 

शाम को खाना खाने के लिए कमरे पर गया था। इसी बीच एंबुलेंस चालक उसे लेकर चला गया था। पता करने पर चालक का मोबाइल भी स्विच आफ बता रहा था। 
- अनिल वर्मा, तिकुनियां पीएचसी प्रभारी
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