पांच दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया मोहन
जिला जेल से फरार हुए बंदी मोहन कश्यप पर एसपी ने पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है। बंदी को पकड़ने के लिए सदर कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की स्वॉट और सर्विलांस की टीमें लगाईं गईं थी, लेकिन पांच दिन बाद भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली है। एसपी ने एसएसआई प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एक और टीम गठित की है। ये तीनों टीमें सीओ सिटी के नेतृत्व में फरार आरोपी की तलाश कर रही हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 22 मई 2016 को एक आठ वर्षीय बालिका की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी और शव को बाग में स्थित कुएं में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में मृतका के गांव के ही मोहन कश्यप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मोहन कश्यप पर एनएसए भी लगाया था। 31 अक्तूबर की शाम 6.15 बजे बैरक बंद करते समय जेल प्रशासन को जानकारी हुई कि मोहन कश्यप जेल से फरार हो गया है। सदर कोतवाली पुलिस ने बंदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। एसपी ने उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच की स्वॉट और सर्विलांस टीम को भी लगाया था, लेकिन पांच रोज बाद भी आरोपी का कोई अता-पता नहीं लगा। एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि उन्होंने फरार आरोपी पर पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया है। गिरफ्तारी के लिए एसएसआई प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एक और टीम गठित की गई है। तीनों टीमें फरार बंदी मोहन कश्यप की सुरागरसी कर रही हैं।