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बेलापरसुआ में मोहाना नदी निगल चुकी 90 बीघा जमीन      

Sat, 19 Aug 2017 07:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो   बेलरायां खीरी।
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mohana - फोटो : amar ujala
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गन्ना-धान समेत जमीन नदी में समाई 
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नदी के कटान का रुख देख किसान परेशान  
इंडो-नेपाल सीमा पर बह रही मोहना नदी थारू बाहुल्य अंबेडकर ग्राम पंचायत बेलापरसुआ की करीब नब्बे बीघा जमीन अभी तक निगल चुकी है। नदी जिस वेग से कटान कर रही है, उसे देख किसान परेशान हैं। फसलों समेत जमीन नदी में समाने से कटान पीड़ित भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।   
थारू ग्राम पंचायत बेलापरसुआ के वर्मा फार्म निवासी सुरेश वर्मा ने बताया कि पहाड़ों पर मूसलाधार बरसात होने की वजह से मोहना नदी का जलस्तर कई दिनों से बढ़ा है। नदी भूमि कटान तेजी से कर रही है। नदी अभी तक सुरेश वर्मा, बृजेश वर्मा की तीन-तीन बीघा खेतों में लहराती गन्ने की फसल अपनी आगोश में समेट चुकी है। इसके अलावा दस पेड़ सागौन व सेमल भी समा गए हैं। ग्राम चौफेरी निवासी रामकुमार की 20 बीघा ग्राम गदानिया निवासी इकलाख हुसैन की 25 बीघा, अतहर हुसैन की 20 बीघा धान-गन्ने की फसल समेत नदी में समा चुकी है। ग्राम रघुनगर निवासी कमाल अहमद की पंद्रह बीघा, जगन्नाथ की पांच बीघा भूमि को भी नदी ने अपने आगोश में समेट लिया। इससे खून-पसीने से तैयार की गई फसल समेत जमीन नदी में समा जाने से किसान भुखमरी के कगार पर खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ और कटान रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए, इससे बाढ़ और कटान पीड़ितों में रोष है।  
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कटान कर नदी बढ़ रही इन गांवों की ओर 
ग्रामीणों ने बताया कि नदी कटान काफी तेज गति से कर बाढ़ प्रभावित गांव झाऊराम पुरवा, ढकैनी, खंबारी, सागरपुरवा की ओर तेजी से बढ़ रही है। लोग अपने घरों का सामान निकाल कर सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने की कोशिश करने लगे हैं।  
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ग्राम बेलापरसुआ में मोहना नदी द्वारा भू कटान की सूचना मिली है। बाढ़ टीम के अधिकारियों को भेजकर भूमि कटान की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद कटान पीड़तों को हर संभव मदद की जाएगी । 
अखिलेश यादव, एसडीएम अखिलेश यादव 
 
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