गला दबाकर हुई थी दुष्कर्म पीड़िता की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
चार डॉक्टरों के पैनल ने किया शव का पोस्टमार्टम
कड़ी सुरक्षा में हुई अंत्येष्टि, सीओ समेत भारी पुलिस बल रहा तैनात
26 एलकेएच 16
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज (लखीमपुर खीरी)। थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता की हत्या गला दबाकर की गई थी। इसका खुलासा शुक्रवार को हुए शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है। दुष्कर्म की पुष्टि के लिए स्लाइड बनाकर डॉक्टरों ने पुलिस को सौंपी है। उधर, पुलिस ने बृहस्पतिवार को ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शहर कोतवाल की सुरक्षा में शव गांव पहुंचा, जहां पहले से ही भारी पुलिस बल के साथ मौजूद सीओ सिटी की कड़ी सुरक्षा में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में बृहस्पतिवार को एक 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की हत्या कर दी गई थी। उसका शव दोपहर में उसके ही घर के आंगन में पड़ा मिला था। मृतका की बेवा शिक्षामित्र मां ने दुष्कर्म के मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा था, लेकिन रात में उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शुक्रवार की सुबह शहर कोतवाल अशोक कुमार पांडेय, थाना खीरी प्रभारी निरीक्षक विपिन सिंह फोर्स के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। चार डॉक्टरों के पैनल से पुलिस ने वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या होने की पुष्टि हुई है। दुष्कर्म को लेकर डॉक्टरों ने स्लाइड बनाकर पुलिस को सौंपी है। पुलिस स्लाइड को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शहर कोतवाल की सुरक्षा में शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। सीओ सिटी आरके वर्मा सहित पहले से मौजूद भारी पुलिस बल की सुरक्षा में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक विद्याराम दिवाकर ने बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी रज्जन मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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दूसरे दिन पहुंचे एसपी, घर में लटका मिला ताला
महेवागंज/ सुंदरवल। दुष्कर्म पीड़ित किशोरी की हत्या के दूसरे रोज एसपी रामलाल वर्मा गांव पहुंचे। हालांकि घरवालों के पोस्टमार्टम हाउस पर होने के कारण उन्हें घर में ताला लटका मिला। जिससे एसपी न तो परिजनों से मिल पाए और न घटना स्थल पर निगाह डाल पाए। मातहतों को निर्देश दे लौट गए।
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खुलासे को सीओ सिटी की अगुवाई में टीमें गठित
एसपी ने सीओ सदर आरके वर्मा के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गई है, इसमें सदर, खीरी और फूलबेहड़ इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। इसमें क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। टीमों ने घटना स्थल का मुआयना कर आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए।
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शुरु से लापरवाह नजर आई पुलिस
गुरुवार को हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आननफानन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के समय घर वालों ने पुलिस को बताया कि बेटी जब खाना खाने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच हत्यारों ने उसका रस्सी से गला घोंट दिया। पुलिस ने न तो घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और न फिंगर एक्सपर्ट का सहारा लिया। हालांकि पुलिस सुसाइड के पहलू को भी नजरंदाज नहीं कर रही थी। भीड़ भी घटना स्थल के आसपास मंडराती रही।
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किसी करीबी का हाथ तो नहीं !
पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं। उसमें नामजद आरोपियों के अतिरिक्त किसी नजदीकी का हाथ होने की भी आशंका है। पुलिस सूत्रों की माने तो पीड़ित पक्ष के घर मे गांव के ही दूसरी बिरादरी के एक व्यक्ति का अधिक आना जाना था। इससे उसकी बिरादरी के ही कुछ लोगों को यह नागवार लग रहा था। इसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप और मामला कई बार पुलिस की चौखट पर पहुंचा। यह बात अलग रही कि रसूख और पैसे के बलबूते हर बार समझौता होता रहा। मामला तब बिगड़ा जब बिटिया पर कुछ लोगों की बुरी नजर पड़ गई। बिटिया ने हिम्मत दिखाई तो रिपोर्ट भी दर्ज हुई। समझौता न करने की उसे हत्या के रूप में कीमत चुकानी पड़ गई।
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बिटिया से पहले भी हुई छेड़छाड़
महेवागंज। दुष्कर्म पीड़िता की हत्या के बाद अब उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर भी पुलिस गौर कर रही है। मृतका के भाई की मानें तो करीब पांच माह पहले गांव के ही एक अन्य युवक ने उसकी बहन के साथ सरेआम छेडछ़ाड़ की थी। घरवालों ने पुलिस में शिकायत भी की थी। आरोपी की सत्तापक्ष से जुड़े बड़े लोगों की नजदीकी होने से पुलिस ने उनके दबाव में आकर जबरन सुलह समझौता करा दिया था। परिवार के मुताबिक इससे गांव में न सिर्फ उनकी बेइज्जती हुई बल्कि मनचलों के हौसले भी बुलंद हो गए थे। इससे बेटी का स्कूल आना जाना भी कम हो गया। पीड़ित परिवार की माने तो पुलिस की ढ़िलाई का ही नतीजा रहा कि बहन पर अन्य युवक बुरी नजर डालने लगे।
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एसपी बोले, पुलिस ने नहीं की लापरवाही
लखीमपुर खीरी। मृतक दुष्कर्म पीड़िता की मां के आरोपों से घिरी सीओ धौरहरा श्रेष्ठा ठाकुर और फूलबेहड़ पुलिस को एसपी ने क्लीन चिट दे दी है। एसपी रामलाल वर्मा का कहना है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कोई लापरवाही नहीं की है। उन्होंने बताया कि दो अक्तूबर को दुष्कर्म पीड़िता की मां ने छेड़छाड़ और दुष्कर्म की रिपोर्ट थाना पर दर्ज कराई थी, जिसकी फोरेंसिंक साइंस रिपोर्ट आना बाकी है। बेवा ने इस घटना से संबंधित औैर कोई शिकायती पत्र कहीं नहीं दिया है। अलग-अलग दिनों में गंभीर आरोपों के चार शिकायत पत्र दिए थे, जिनमें सभी मामलों में समझौता कर लिया था। लापरवाही के लग रहे आरोपों पर एसपी ने कहा कि साक्ष्य संकलन में समय लगने से कार्रवाई में विलंब हुआ है।