छोटे भाई ने की थी
श्यामाचरन की हत्या
परिवार वालों पर अत्याचार करने से परेशान था भाई
एएसपी ने पुलिस लाइन सभागार में किया हत्याकांड का खुलासा
हत्या करने के बाद खुद बना था मुकदमा वादी
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
थाना पसगवां के कस्बा बरबर के मोहल्ला गांधीनगर निवासी शातिर अपराधी श्यामाचरन की हत्या उसके ही छोटे भाई ने की थी। एएसपी ने बताया कि श्यामाचरन ने दो साल पहले अपने पिता की गला दबाकर हत्या कर दी थी। भाइयों और मां को भी शराब पीकर मारता-पीटता था। इससे परेशान होकर छोटे भाई पातीराम ने सिर पर डंडा मारकर श्यामाचरन की हत्या कर दी थी और खुद मुकदमे का वादी बना था।
गांधीनगर निवासी श्यामाचरन पर दरोगा की हत्या समेत कई मामले दर्ज थे। 26 जनवरी को पैतीपुर गांव के पास अज्ञात लोगों ने श्यामाचरण की पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक के भाई पातीराम की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। गुरुवार को एएसपी ने पुलिस लाइन सभागार में हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि श्यामचरण पर आठ से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह 10 साल पहले दरोगा की हुई हत्या के मामले में भी जेल गया था। करीब दो साल पहले उसने अपने पिता नोखे लोल की गला दबाकर हत्या कर दी थी। परिवार वालों ने आत्महत्या की बात कह रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। पिता की हत्या करने के बाद से श्यामाचरण अपने ही परिवार पर कहर ढाने लगा। आए दिन मां और भाइयों की पिटाई करता था। घरों की महिलाओं पर बुरी नजर रखता था। कई बार पातीराम पर भी जानलेवा हमला कर चुका था। इससे परेशान होकर पातीराम ने श्यामचरन की हत्या करने की ठान ली। 26 जनवरी की शाम करीब आठ बजे जब श्यामाचरन पड़ोस के गांव पैतीपुर से अत्यधिक शराब पीकर घर वापस आ रहा था तो पातीराम ने उसे रास्ते में पकड़ लिया और उसी का डंडा छीनकर प्रहार कर श्यामचरन को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया। एएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम में शामिल इंस्पेक्टर अमर सिंह रघुवंशी, एसएसआई शेर सिंह राजपूत, एसआई अतुल सिंह, सिपाही रमेश कुमार, सूरज कुमार मिर्जाबेग और राजेंद्र प्रसाद यादव को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।