ममरी (लखीमपुर खीरी)। वन चौकी आंवला में नाली बनवाने के बहाने मोहम्मदाबाद के राजगीर मिस्त्री को चौकी पर बुलाकर वन रक्षक ने जमकर पीटा। वन रक्षक का आरोप है कि मना करने के बाद भी उसने जंगल से लकड़ी काटकर मचान बनाया था। मामले की हैदराबाद थाना में एक वनकर्मी सहित दो लोगों के खिलाफ मारपीट, एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। चोटिल रूपचंद का इलाज सीएचसी में हो रहा है।
सीएचसी में इलाज करा रहे रूपचंद ने बताया कि 23 मार्च दोपहर को वह अपने ताऊ मोहनलाल के खेत पर जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए मचान बना रहा था। वह राजगीर मिस्त्री भी है। दोपहर बाद करीब 3.30 बजे वाचर संतकुमार उसके पास आए और कहा कि वनरक्षक अब्दुल मतीन खां ने उसे आंवला गांव के पास वन चौकी पर नाली बनवाने के लिए बुलवाया है। रूपचंद का आरोप है कि चौकी जाने पर वनरक्षक उससे तुरंत काम करने के लिए दबाव बनाने लगे। मना करने पर वनरक्षक जातिसूचक गाली गलौज करते हुए उसकी पिटाई करनी शुरू कर दी और उस पर आरोप लगाया कि रात में वह जंगली जानवरों का शिकार करता है। किसी तरह बचते हुए वह अपने घर आया और अजान चौकी पर तहरीर दी। सुनवाई न होने पर उसने 24 मार्च को हैदराबाद थाना पर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। हैदराबाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर उसका मेडिकल कराकर वनरक्षक सहित दो लोगों के नामजद एससीएसटी एक्ट और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इंस्पेक्टर सियाराम ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मारपीट, एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उसे मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी गोला भेजा गया है, साथ ही केस की विवचेना सीओ मोहम्मदी को सौंप दी है।
सुलह का दबाव बना रहे वनकर्मी
सीएचसी में भर्ती रूपचंद ने बताया कि सोमवार की दोपहर को वनरक्षक मतीन खां अपने साथी वनकर्मियों के साथ सीएचसी आकर उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाकर धमका रहे हैं।
होली की सुबह एक व्यक्ति ने सूचना दी कि रूपचंद ने जंगल से बल्ली काटकर मचान बनाया था। साथ ही उस पर जंगली जानवर का शिकार करने का भी आरोप है। 22 मार्च को उसे पूछताछ के लिए वन चौकी बुलाया गया था। स्पष्ट न होने पर उसे छोड़ दिया गया था। रूपचंद द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।
- अब्दुल मतीन खां वनरक्षक आंवला चौकी।
घटना की उन्हें जानकारी नहीं है। इतना जरूर पता चला है कि वनरक्षक अब्दुल मतीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। घटना के बावत जानकारी कराएंगे।
- मोहम्मद आरिफ रेंजर महेशपुर।