लखीमपुर खीरी।
गोला जाने के लिए काफी देर तक रोडवेज बस अड्डे से बस न मिलने से नाराज यात्रियों का पूछताछ कार्यालय पर मौजूद कर्मचारियों से विवाद हो गया और मामला मारपीट तक जा पहुंचा। यात्रियों का कहना था कि बस की जानकारी करने के लिए गए थे, लेकिन जानकारी देने के बजाय कार्यालय में मौजूद एक कर्मचारी ने उनसे अभद्रता करनी शुरू कर दी। पूछताछ कार्यालय प्रभारी का कहना था कि गोला की अधिकतर बसें बाहर से होकर निकल जाती हैं, ऐसे में हम जानकारी कैसे बता सकते हैं।
बुधवार की शाम करीब आठ बजे गोला जाने के लिए रोडवेज बस अड्डे पहुंचे यात्रियों को जब काफी देर रात तक बस नहीं मिली तो यात्रियों ने पूछताछ कार्यालय जाकर बस के बारे में जानकारी करनी चाही, लेकिन मौजूद कर्मचारी यात्रियों को बस संबंधित कोई जानकारी नहीं दे सके, जिससे यात्री भड़क गए। इस पर डिपो के गार्ड और यात्रियों के बीच विवाद होने लगा और मामला मारपीट तक पहुंच गया, जिससे वहां भगदड़ मच गई।
सूचना पर पहुंची रोडवेज चौकी पुलिस और अन्य लोगों ने मामला शांत कराया। यात्रियों का कहना था कि आठ बजे से डिपो पर खड़े हैं और रात के दस बज रहे है, लेकिन अभी तक गोला के लिए कोई बस नहीं आई, जबकि गोला डिपो की करीब बीस बसें लखनऊ, सीतापुर जाती हैं, लेकिन कार्यालय कर्मी को उनकी जानकारी तक नहीं। पूछताछ कार्यालय के स्वर्ण सिंह ने बताया कि गोला डिपो की अधिकतर बसें बाहर से ही गोला चली जाती हैं, इसलिए उनकी जानकारी नहीं हो पाती। ऐसे में हम क्या बता दें।
सभी बसों का डिपो तक जाना अनिवार्य है, लेकिन यदि नहीं जाती हैं तो यह गंभीर मामला है। जो बसें डिपो तक नहीं जाती हैं उनके परिचालक और मालिक के किलोमीटर की कटौती होगी।
- आरके श्रीवास्तव, एआरएम गोला व प्रभारी लखीमपुर