प्रदेश सरकार के पारदर्शिता के तमाम दावों के बीच सरकारी गेहूं खरीद में पीसीएफ के क्रय केन्द्रों पर 33 करोड़ के घोटाले का मामला सामने आया है। पीसीएफ के एमडी प्रमोद कुमार उपाध्याय के निर्देश पर आरएम/जिला प्रबंधक वैभव कुमार वर्मा ने सदर कोतवाली में तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है, जबकि कुछ लोग अज्ञात में भी दर्ज किए गए हैं। आरोप है कि पीसीएफ के क्रय केन्द्रों पर खरीद नियमावली का उल्लघंन करते हुए चेक से 33 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि किसानों को आरटीजीएस से भुगतान करना था।
रबी विपणन वर्ष 2018-19 में पीसीएफ ने 109 क्रय केन्द्रों के माध्यम से 1,05,406 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है, जिसके एवज में किसानों को एक अरब 83 करोड़ 93 लाख रुपये का भुगतान करना था। आरएम/जिला प्रबंधक वैभव कुमार वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव के इशारे पर कई केन्द्र प्रभारियों ने गेहूं खरीद में गड़बड़ी करते हुए 33 करोड़ का भुगतान चेकों के माध्यम से किया, जो शासनादेश के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। 22 क्रय केन्द्रों पर एक दिन में प्रति केन्द्र 300 मीट्रिक टन से अधिक खरीद कराई गई, जिसमें अतिरिक्त कांटा लगाने के लिए डीएम से अनुमति प्राप्त नहीं की गई। कोतवाल अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी जिला प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव, मरखापुर क्रय केन्द्र प्रभारी अनूप कुमार, कृषक सेवा केन्द्र जलालपुर गोला मंडी के प्रभारी शिवराज और अनिल कुमार, हसनपुर कटौली केन्द्र प्रभारी भारत भूषण मिश्रा समेत अन्य संबंधित कर्मचारी नाम पता अज्ञात के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच एसएसआई राजपाल सिंह को सौंपी गई है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
33 करोड़ गबन के आरोप में दर्ज एफआईआर में आईपीसी 419, 420, 467, 468, 471, 409, 218 और 120 बी धारा लगाई गई है।
पहले वायरल हो चुका आडियो
पीसीएफ के एमडी और जिला प्रबंधक के बीच फोन पर हुई बातचीत का आडियो क्लिप कुछ दिन पहले वायरल हुआ था, जिसमें एमडी द्वारा जिला प्रबंधक को लखनऊ आने के लिए धमकाया जा रहा था। इससे पहले 19 जून को एमडी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव को लखीमपुर से हटाते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय बरेली से सम्बद्ध कर दिया था। इसके बाद तीन जुलाई 2018 को एमडी ने प्रभंजन यादव को सस्पेंड कर दिया था।
तीन सदस्यीय टीम से कराई गई जांच
एमडी ने शिकायत पर जिला प्रबंधक प्रभंजन यादव के खिलाफ लगे आरोपों की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई थी। सूत्र बताते हैं कि जांच टीम ने कार्यकाल के दौरान 33 करोड़ का भुगतान किसानों को न करने, बिना अनुमति लिए अधिक तोल कराने, क्रय केन्द्रों की पंजिका में दर्ज खरीद और जिला प्रबंधक द्वारा भेजी रिपोर्ट में अंतर आदि आरोप लगाए हैं।
घोटाले के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर तत्कालीन जिला प्रबंधक प्रभंजन कुमार यादव समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। वैभव कुमार वर्मा, जिला प्रबंधक/आरएम पीसीएफ