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लखनऊ ले जाते समय बीमार कैदी की सीतापुर में मौत

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- फोटो : अमर उजाला
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हत्या मामले में 1988 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा था दयाराम
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रविवार की रात बिगड़ी थी हालत, सोमवार तड़के तोड़ा दम
 
लखीमपुर खीरी। जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थाना नीमगांव के गांव कैमाखुर्द निवासी दयाराम(66) की रविवार रात तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टर ने हालत ठीक न होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। सीतापुर पहुंचने पर उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई, जिस पर बंदी रक्षक उसे सीतापुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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जेल अधीक्षक आरबी पटेल ने बताया कि थाना नीमगांव क्षेत्र के गांव कैमा खुर्द निवासी दयाराम को धारा 302 और 394 में वर्ष 1988 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। सजा के कुछ साल बाद उसे केंद्रीय कारागार भेजा गया था। 19 सितंबर 2016 को वह केंद्रीय कारागार से फिर जिला कारागार खीरी वापस भेजा गया। तब से वह खीरी जिला जेल में निरुद्ध था। उन्होंने बताया कि कैदी दयाराम को सांस की बीमारी थी और वह काफी कमजोर भी था। चार दिन पहले उसकी तबीयत खराब हुई थी, जिस पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने परीक्षण कर दवाएं दीं थीं, जिससे उसकी हालत में काफी सुधार हुआ था। रविवार की रात करीब 11 बजे उसे सांस लेने में फिर दिक्कत हुई, जिस पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ तो रात 11.50 बजे जिला अस्पताल भेजा गया। सोमवार की तड़के करीब तीन बजे डॉक्टर ने उसकी हालत में सुधार न होने पर लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बंदी रक्षक एंबुलेंस से उसे लखनऊ ले जा रहे थे। सीतापुर में कैदी की हालत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर बंदी रक्षक उसे जिला अस्पताल सीतापुर ले गए, जहां डॉक्टर ने दयाराम को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम सीतापुर में ही कराया गया है। मृतक के परिवारवालों को सूचना दे दी गई थी, जिस पर घर के लोग भी सीतापुर पहुंच गए थे।
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