लखीमपुर खीरी। जिले में आए दिन सोशल साइट्स पर आपत्तिजनक पोस्ट के मामले सामने आते हैं और इसमें कई बार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले भी होते हैं, लेकिन इक्का दुक्का मामलों को छोड़कर साइबर सेल किसी भी प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई नहीं करता।
बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने और ठगी जैसे बड़े मामलों की विवेचना के लिए शासन ने जिलों में क्राइम ब्रांच की स्थापना की। इस में स्वाट टीम, सर्विलांस टीम, साइबर सेल, इंवेस्टिगेशन विंग आदि बनाकर अलग-अलग कार्य सौंपे गए। जिले की साइबर सेल में प्रभारी और दो सिपाही तैनात हैं, लेकिन यह सेल अपने उद्देश्यों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। जिले में वैसे तो आए दिन साइबर क्राइम के बड़े मामले सामने आते हैं, लेकिन अपराधियों के अन्य प्रदेशों का होने के कारण पुलिस पचड़े से बचने के लिए ऐसे मामलों को दर्ज करने से बचती है। और तो और साइबर सेल की टीम सोशल मीडिया की भी निगरानी नहीं कर पाती। ऐसे में आपत्तिजनक पोस्ट के मामले आए दिन सामने आते हैं।
वर्ष 2017 में शहर में लगा था कर्फ्यू
सन 2017 में देवी-देवताओं और एक धर्म विशेष की महिलाओं पर आपत्तिजनक पोस्ट की गई। इसके बाद शहर में ऐसा बवाल हुआ कि प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा। पुलिस ने दोषियों को गिरफ्तार कर एनएसए की कार्रवाई भी की। इस मामले के आरोपी आज भी जेल में हैं।
22 से 26 साल के युवा हैं शामिल
धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट डालने के मामले में जो लोग सामने आएं हैं, उनमें गिरफ्तार किए गए सभी युवक युवा हैं। इनकी उम्र 22 से 26 साल के बीच में हैं।
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अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी सोशल साइट्स पर वायरल करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है। कुछ लोगों पर पर एनएसए भी लगाया गया है। साइबर सेल अपना काम कर रहा है।
-विजय ढुल, एसपी