महंगापुर के गदनियां एसएसबी मुख्यालय पर श्वान टीम के प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ।
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महंगापुर। एसएसबी का विशेष श्वान दस्ता सीमा पर तो अपने कामों को बखूबी अंजाम देगा ही लेकिन साथ ही खीरी पुलिस के लिए भी काफी मददगार साबित होगा। इस विशेष दस्ते को विस्फोटक, मादक पदार्थ आदि तलाशने में महारत हासिल होने के साथ-साथ वह हत्या और चोरी जैसी वारदात में शामिल अपराधियों को खोज निकालेगा। इसी क्रम में 14 दिवसीय शिविर में श्वान दस्ते को इसका प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
39वीं वाहिनी एसएसबी गदनियां मुख्यालय पर 14 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया था। जिसमें गदनियां समेत 49वीं व 57वीं वाहिनी में परिचालन कार्यों में योगदान देने के लिए श्वान दस्ते को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें डॉग को विस्फोटक, मादक पदार्थों के साथ ही चोरों तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में अपराधियों को पकड़ने के लिए ट्रेंड किया जा रहा है। सभी डॉग पहले से ही इन कार्यों में कुछ हद तक प्रशिक्षित हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्वान टीम को परिचालन कार्यों में और अधिक निपुणता प्रदान करना है। कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कुल 12 श्वान व उनके परिचारक इस प्रशिक्षण में शामिल हैं।
यह दे रहे हैं प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम सहायक कमांडेंट डॉ. पूजा फर्सवान, सहायक उप निरीक्षक पशु चिकित्सा विजय सैनी, पशु चिकित्सा के आरक्षी सतीश कुमार, कौशेंद्र कुमार व पवन कुमार द्वारा दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में श्वान दस्ते में यह प्रजातियां हैं शामिल
प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्वान दस्ते में बेल्जियम शेफर्ड, लेब्राडोर तथा जर्मन शेफर्ड डॉग व उनके कोच हिस्सा ले रहे हैं। क्योंकि यह प्रजातियां ही तेजी से सीखने के लिए काफी अच्छी मानी जाती है।
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सीमाई कामों के अलावा अगर जरूरत पड़ती है तो सिविल प्रशासन को भी यह श्वान दस्ता उपलब्ध कराया जाएगा।
- मुन्ना सिंह, कमांडेंट, एसएसबी 39वीं वाहिनी गदनियां