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बैक फुट पर आया पीड़ित, कार्रवाई करने से किया इनकार

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निघासन। नवजात के शव को कब्र से निकालने के मामले में पीड़ित पक्ष बैकफुट पर आ गया है। पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई करने से इनकार किया है, लेकिन सीओ ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने चौकी इंचार्ज को बुलाकर कड़ी फटकार लगाई है।
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एक गांव के प्रधान का छोटा भाई काफी लंबे समय से एक किशोरी के साथ यौन शोषण कर रहा था। किशोरी के गर्भवती होने के बाद उसका प्रसव रमियाबेहड़ स्थित बिना रजिस्ट्रेशन के एक प्राइवेट अस्पताल में कराया गया। बच्चा मृत होने के कारण उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। उधर पीड़िता की हालत नाजुक होने पर उसके परिवार वाले घबरा गए। उसके बाद नवजात शिशु का शव कब्र से निकालकर कार्रवाई के लिए लेकर चले। परिवार के लोग मल्लबेहड़ के पास पहुंचे ही थे कि प्रधान के लोग आ धमके और उनको मोटी रकम का प्रलोभन देने के अलावा पीड़िता का इलाज कराने का भी आश्वासन दिया। तब परिवार के लोग शांत हुए। प्रधान पक्ष ने पीड़िता को लखीमपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़िता के माता और पिता प्रधान के घर में हैं। उन लोगों ने किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इनकार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पीड़ित पक्ष ने चौकी ढखेरवा पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस तहरीर न मिलने की बात कह पल्ला झाड़ रही है। इधर सीओ ने अमर उजाला में छपी खबर को प्रमुखता से लिया है। उन्होंने चौकी इंचार्ज को बुलाकर मामले की जानकारी की और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। सीओ ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मामला मेरे संज्ञान में हैं। जांच की जा रही है। रिपोर्ट भी लिखी जाएगी और चौकी इंचार्ज के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार नायक, प्रभार सीओ निघासन
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