लखीमपुर खीरी। एडेड स्कूलों (शासकीय सहायता प्राप्त) में सहायक अध्यापक पदों पर की गई नियुक्तियों की जांच डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने स्वयं शुरू कर दी है। सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद डीएम ने पहले सीडीओ को जांच सौंपी, जिसके कुछ दिन बाद एसडीएम धौरहरा और डायट प्राचार्य की कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए थे। एडेड स्कूलों में सहायक अध्यापक पदों पर की गई नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप हैं। इसको लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी के बीच करीब छह माह से रार छिड़ी है। नई नियुक्ति पाए शिक्षकों को कई माह से वेतन नहीं मिला है। इसको लेकर भी शिक्षकों ने डीएम से शिकायत की है।
जनपद में कुल 18 एडेड स्कूल हैं। इनमें से छह स्कूलों में सितंबर से जनवरी (2018-19) के बीच दो प्रधानाध्यापक और 10 सहायक अध्यापक पदों पर गुपचुप तरीके से नियुक्तियां की गई थीं। इसके बाद से चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। शिकायतों का संज्ञान लेकर वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. दिलीप सिंह ने कई बार नोटिस देकर प्रबंधक/प्रधानाचार्यों से नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित अभिलेख और नियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख तलब किए थे। प्रबंधक/प्रधानाध्यापकों ने अभिलेख और पत्रावली प्रस्तुत नहीं की। लिहाजा वित्त एवं लेखाधिकारी मई 2019 में पंचवटी नेहरू विद्या मंदिर इंटर कॉलेज लखनियापुर, क्वीन मैरी गर्ल्स हाईस्कूल सिंगाही और नेहरू जूनियर हाईस्कूल मोहदियापुर के प्रधानाध्यापकों का वेतन बाधित कर दिया था। तीनों विद्यालयों के खाता संचालन की जिम्मेदारी वित्त एवं लेखाधिकारी ने अपने हाथ में ले ली थी। साथ ही तीनों विद्यालयों में हुई सात शिक्षकों रामानंद मिश्रा, अनु मिश्रा, विभा रानी, आकांक्षा शर्मा, पल्लवी दीक्षित, विनय कुमार पांडेय और अवधेश यादव की नियुक्तियों को निरस्त करने के लिए शिक्षा निदेशक और वित्त नियंत्रक को पत्र भेजा था। इसके बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई है। इसमें एडेड स्कूलों में नियुक्तियों समेत कई अन्य आरोप लगाए गए हैैं।
एडेड स्कूलों में नई नियुक्ति पाए शिक्षकों ने कई माह से वेतन न मिलने की शिकायत की है। इसके लिए बीएसए से एडेड स्कूलों में हुई नियुक्तियों की पत्रावली तलब की है। नियुक्तियां सही हुई हैं, तो वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है। इन कारणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम