गोला गोकर्णनाथ। तहसील में बार संघ के पूर्व अध्यक्ष लाल बिहारी वर्मा का आमरण अनशन एडीएम और एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए ग्लूकोज पिलाकर खत्म करा दिया। अधिकारियों ने बताया कि उन पर हुए जानलेवा हमले की जांच अब गोला कोतवाली पुलिस के बजाय क्राइम ब्रांच से कराई जाएगी।
मोहल्ला पश्चिमी दीक्षिताना निवासी बार संघ के पूर्व अध्यक्ष लाल बिहारी वर्मा पर 19 और 22 जुलाई को जानलेवा हमला हुआ था। मामले का नामजद मुकदमा वकील ने कोतवाली में दर्ज कराया था। कार्रवाई न होने पर वकील लाल बिहारी वर्मा अपने साथी वकीलों के साथ तहसील परिसर में ही 26 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठ गए थे।
बृहस्पतिवार की दोपहर बाद एडीएम अरुण कुमार सिंह और एएसपी अरुण कुमार सिंह तहसील पहुंचे। एसडीएम अखिलेश यादव, तहसीलदार विपिन कुमार द्विवेदी की मौजूदगी में एडीएम और एएसपी ने एसडीएम कार्यालय में लाल बिहारी वर्मा और उनके साथी वकीलों के साथ करीब दो घंटे तक वार्ता की। लाल बिहारी वर्मा ने अधिकारियों से आत्म सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड और शस्त्र लाइसेंस दिलाने, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके अवैध असलहे जब्त करने की मांग की और कोतवाली पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
एडीएम और एएसपी ने स्थायी सुरक्षा मिलने तक लाल बिहारी वर्मा को अस्थायी रूप से सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया और आवेदन पर शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराने के साथ जांच क्राइम ब्रांच को से कराकर दोषियों को जेल भेजने का आश्वासन दिया। इस मौके पर तहसील के वकील मौजूद रहे।