बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में गैंडों की गणना सोमवार से शुरू हो रही है। दो दिन चलने वाली गिनती के साथ ही उनका डीएनए प्रोफाइल बनाने की भी योजना है।
दुधवा में सोमवार से शुरू हो रही गैंडों की गणना और उनके डीएनए प्रोफाइल बनाने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से रविवार को प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में दुधवा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ गणना के कार्य में हिस्सा लेने वाले वन्यजीव संबंधित एनजीओ के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया है।
इसमें बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अधिकारी भी शामिल रहे। हालांकि यहां सिर्फ एक गैंडा है। जिनकी आबादी बढ़ाने की योजना है। प्रशिक्षण शिविर में गैंडों की गिनती के तौर तरीके बतलाए गए। साथ ही बताया कि गैंडों के डीएनए प्रोफाइल बनाने के लिए किस तरह उनके मल-मूत्र के सैंपल लिए जाएं।
यह सैंपल डीएनए प्रोफाइल बनाने के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई ) देहरादून भेजे जाएंगे। जिन गैंड़ों का नामकरण अभी तक नहीं हुआ है, उनका नामकरण भी किया जाएगा।
पिछली गणना में मिले थे 46 गैंडे
दो साल पहले दुधवा टाइगर रिजर्व में गैंडो की हुई गणना में कुल 46 गैंडे पाए गए थे,इसमें 20 नर और 26 मादा गैंडे हैं।
वर्जन
दुधवा टाइगर रिजर्व में सोमवार से गैंडों की गणना का काम शुरू किया जाएगा। गणना के दौरान डीएनए सैंपल भी एकत्र किए जाएंगे।
- डॉ. एच राजामोहन, एफडी,दुधवा टाइगर रिजर्व।