जल बचाओ अभियान में 467 तालाबों का जीर्णोद्धार
पहले भी मॉडल तालाब बनाने में खर्च हो चुके करोड़ों
जिले में मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत वर्ष 2015-16 में सात करोड़ 25 लाख 94 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं, फिर भी तालाब सूखे पड़े हैं। 15 ब्लाकों मेें 467 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया है। विडंबना है कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद तालाब ग्रामीणों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। इनमें पशु-पक्षियों की प्यास बुुझाने भर को पानी नहीं हैै।
एक ओर तालाबों की पटाई कर बिल्डिंग बनाई जा रहीं हैं, ऐसे में सरकार के प्रयास तालाबों को बचाने में मील का पत्थर साबित होंगे। इनकी उपयोगिता को लेकर अभी गतिरोध बना हुआ है, क्योंकि अप्रैल-मई के महीने में भीषण गर्मी से आमजन से लेकर पशु-पक्षी बेहाल है। ऐसे में तालाब की भूमिका कहीं नजर नहीं आती, क्योंकि इनकी तलहटी तक चटक चुकी है। बताते चलें कि करीब सात साल पूर्व भी जिले की 995 ग्राम पंचायतों में मॉडल तालाब विकसित किए गए थे, जिन पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। नतीजा सबके सामने है, कि रुपये की बंदरबाट के चलते सरकार की योजना ही फ्लाप हो गई थी। इसके बाद मॉडल तालाब की योजना ठंडे बस्ते मेें चली गई, लेकिन तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य अन्य योजनाओं का नाम देकर अब भी कराया जा रहा है। वर्ष 2015-16 में मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत मनरेगा से 467 तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया हैै। इन तालाबों की सूची ग्राम पंचायतों ने दी थी। अधिकतर तालाब ऐसे हैैं, जिनमें पहले भी जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा चुका है।
ब्लाक तालाब व्यय (लाख में)
लखीमपुर 40 95.94
बेहजम 37 71.88
फूलबेहड़ 31 39.95
नकहा 32 54.61
मोहम्मदी 44 67.82
मितौली 51 116.47
पसगवां 34 55.39
कुुंभी (गोला) 34 32.06
बांकेगंज 30 36.73
बिजुआ 32 65.25
पलिया 14 8.81
निघासन 23 26.55
रमियाबेहड़ 36 31.99
धौरहरा 8 4.26
ईसानगर 21 18.23
ग्राम पंचायतों ने स्वयं तालाबों का चयन कर सूची प्रस्तुत की थी, जिनमें सफाई संबंधित कार्य कराए गए हैं। 2016-17 में तालाबों के चयन की प्रक्रिया ब्लाक स्तर पर संचालित है।
-पीके राय, उपायुक्त, श्रम रोजगार